
अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से अगले 2-3 दिन तक मध्य प्रदेश फिर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।विशेषकर भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर एवं इंदौर संभाग के जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। आज रविवार को 8 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं।बता दे कि प्रदेश में अब तक औसत 41.9 इंच बारिश हो चुकी है।
15 सितंबर से दिखेगा मौसम में बदलाव
- निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-मध्य और संलग्न उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी एपी-दक्षिण ओडिशा तटों पर अवस्थित है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। 24 घंटे में इसके दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी एपी और दक्षिणी छग से होते हुए पश्चिम- उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
- वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर श्री गंगानगर, रोहतक, सिवनी, राजनांदगांव से पश्चिम- मध्य और संलग्न उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी एपी-दक्षिण ओडिशा तटों पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम बिहार और संलग्न झारखंड पर माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
- एक ट्रफ़, पश्चिम-मध्य और संलग्न उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तटों पर बने निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवातीय परिसंचरण से छत्तीसगढ़ और विदर्भ होकर दक्षिण महाराष्ट्र तक माध्य समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है और ऊँचाई के साथ दक्षिण- पश्चिम की ओर झुकी हुई है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्वी राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है। 15 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा
Madhya Pradesh: 1 जून से 13 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 41.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 34.2 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 में से 5 जिले खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर और बड़वानी में 27 इंच पानी भी नहीं गिरा है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
MP Weather Forecast Till 16 September

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

