मध्य प्रदेश वेदर: नए सिस्टम का दिखेगा असर, 3 दिन बादल बारिश के आसार, पढ़िए मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान

27 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इससे हवाओं का रुख बदलने के कारण 28 अक्टूबर से आसमान साफ होगा और रात में फिर ठंड का अहसास होने लगेगा।
MP Weather update

MP Weather Forecast : लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। गुरूवार को कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबादी हुई। आज शुक्रवार को एक दर्जन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। फिलहाल 25 से 27 अक्टूबर के बीच प्रदेश में हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना बनी रहेगी।खास करके इसका असर 26 अक्टूबर तक इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में ज्यादा देखने को मिलेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से हवाओं का रुख उत्तरी होने पर तापमान के नीचे गिरते ही ठंड तेजी से बढ़ने लगेगी।

आज शुक्रवार को इन जिलों में बारिश

जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर,बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान

एक निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और निकटवर्ती क्षेत्रों में अवस्थित है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके दक्षिण कर्नाटक से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना और पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर उभरने की संभावना है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण अंडमान सागर और संलग्न दक्षिण-पूर्व बंगालकी खाड़ी के ऊपर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से 24 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और संलग्न हरियाणा के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ट्फ़ रूप में, माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर अवस्थित है एवं अक्षांश 30° उत्तर के उत्तर में देशांतर 78° पूर्व के साथ चल रहा है।27 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदलने के कारण 28 अक्टूबर से आसमान साफ होगा और रात में फिर ठंड का अहसास होने लगेगा।

पिछले 24 घंटे में कहां कैसा रहा मौसम

  • अशोकनगर, छतरपुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सतना, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में वर्षा दर्ज की गई।
  • गुरुवार को रात का सबसे कम 17.6 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में दर्ज किया गया।
  • दिन का सबसे अधिक 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला एवं नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
  • सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सतना में 0.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
  • सात शहरों में रात का पारा 20 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा।

Madhya Pradesh: 1 जून से अब तक कहां कितनी हुई वर्षा

  • मध्य प्रदेश में अब तक 48 इंच बारिश हो चुकी है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। इस बार मानसूनी सीजन में 121 प्रतिशत बारिश हुई है यानि अनुमान से 15 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
  • गुना में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
  • इंदौर संभाग में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन में कोटा पूरा नहीं हो पाया । सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र संभाग में औसत से ज्यादा बारिश हुई।
  • ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

MP Weather Forecast Till 28 October

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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