शत्रु नक्षत्र में शुक्र का गोचर बढ़ाएगा इन 3 राशियों की टेंशन, 13 दिनों तक फूँक-फूँककर रखें हर कदम 

शुक्र नक्षत्र परिवर्तन करके कई राशियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। धनहानि हो सकती है। करियर में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है। दाम्पत्य जीवन में भी बदलाव आएंगे। आइए जानें किन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है?
Shukra Gochar 2026

धन के दाता और असुरों के गुरु शुक्र नक्षत्र परिवर्तन (Shukra Nakshatra Parivartan) करने जा रहे हैं। हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं। इस नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में 13वां स्थान यह कन्या राशि में फैला हुआ है। वहीं  इसके स्वामी ग्रह चंद्रमा और देवता सविता है, जो सूर्य देव का ही एक रूप है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्रमा दोनों को ही शुक्र का शत्रु माना जाता है। शत्रु के नक्षत्र में शुक्र के प्रवेश करने से किसी को नुकसान तो किसी को फायदा होगा।

17 अक्टूबर को शुक्र उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र से निकलकर हस्त नक्षत्र  में प्रवेश करेंगे। यहां 28 अक्टूबर तक संचरण करते रहेंगे। इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। 13 दिनों के भीतर जीवन में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। कुछ लोगों को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। कार्य क्षेत्र और कारोबार में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आइए किन लोगों को  दैत्यों के गुरु की इस चाल से सबसे अधिक नुकसान होगा?

मेष राशि (Mesh Rashi)

मेष राशि के जातकों को इस दौरान कार्य क्षेत्र में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। शत्रु पक्ष आपके खिलाफ षड्यंत्र रख सकते हैं। कोई भी कदम सोच समझ कर उठाएं। पार्टनरशिप में किए गए बिजनेस में भी नुकसान हो सकता है। इस दौरान यात्रा की योजना न बनाएं। आर्थिक पक्ष भी कमजोर पड़ सकता है।

धनु राशि (Dhanu Rashi)

धनु राशि के जातकों के लिए भी यह समय शुभ नहीं रहेगा। सेहत का खास रखें। इस दौरान जंक फूड या अधिक तला हुआ खाना खाने से परहेज करें। अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं, जिसकर कारण आर्थिक नुकसान होगा। करियर में भी कई बाधाएं उत्पन्न हो सकती है। छात्रों को पढ़ाई में अधिक ध्यान लगाने की जरूरत है। कार्य क्षेत्र में भी नुकसान होगा विवाद से बचें। जॉब करने वाले लोग सहकर्मियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें।

मीन राशि (Meen Rashi)

मीन राशि के जातकों के लिए भी शुक्र की यह चाल अनुकूल नहीं रहेगी। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले सोच विचार जरूर करें। घर के बड़े बुजुर्ग या विशेषज्ञों की सलाह भी ले सकते हैं।  सफलता के राह में बाधा उत्पन्न हो सकती है। प्रमोशन भी रुक सकता है। सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। त्वचा से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। जीवनसाथी के साथ मनमुटाव हो सकता है। इसलिए लड़ाई करने से बजाय एक दूसरे से बातचीत करें।

(अस्वीकरण: इस आलेख में दी गई जानकारी ज्योतिष गणना और मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी शेयर करना है। सटीकता या प्रभाव की गारंटी एमपी ब्रेकिंग न्यूज नहीं लेता। भविष्यवाणियों के आधार कोई भी फैसला लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews