Gwalior News : आसमान से गिरे सात गोले बम नहीं सेटेलाईट हाइड्रोजन फ्यूल सेल निकले, एसपी ने की पुष्टि

Gwalior News : आसमान से गिरे सात गोले बम नहीं सेटेलाईट हाइड्रोजन फ्यूल सेल निकले, एसपी ने की पुष्टि

Gwalior News :  ग्वालियर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आज एक नहीं सात गोले गिरे जिसका वैज्ञानिक परीक्षण कराने के  बाद एसपी ने कहा कि ये गोले कोई बम नहीं हैं, इनके अन्दर किसी भी तरह का एक्सप्लोसिव नहीं मिला है बल्कि ये सेटेलाईट में प्रयोग होने वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल हैं।

ग्वालियर में एक – दो नहीं सात गोले आसमान से गिरे 

आज शुक्रवार को ग्वालियर जिले के भितरवार, बेलगढ़ा और चीनौर क्षेत्र के ग्रामीण उस समय दशहत में आ गए जब उन्होंने आसमान से कुछ गिरता हुआ देखा, ग्रामीणों ने देखा कि कोई चीज घूमती हुई आसमान से नीचे की तरफ आ रही है, उस भारी वस्तु ने जमीन पर गिरते ही खेत में बड़े और गहरे गड्डे कर दिए।

फोरेंसिक एक्सपर्ट, बम डिस्पोजल स्क्वाड, वैज्ञानिकों की टीम ने की जाँच 

ग्रामीणों ने तत्काल सम्बंधित पुलिस थानों को सूचना दी , पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उन स्थानों पर तत्काल पहुंचे जहाँ ये गोले गिरे थे, घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए एसपी राजेश सिंह चंदेल ने फोरेंसिक एक्सपर्ट, बम डिस्पोजल स्क्वाड, वैज्ञानिकों की टीम भी भेजी।

एसपी ने की पुष्टि, बम के गोले नहीं ये सेटेलाईट हाइड्रोजन फ्यूल सेल

सभी विशेषज्ञों ने जांच के बाद कहा कि ये गोले बम  नहीं हैं इसमें किसी भी तरह का एक्सप्लोसिव नहीं है, बारीकी से परीक्षण करने और जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने एसपी को इसकी रिपोर्ट की , एसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 7 गोले गिरे , जिनमें 4 भितरवार, 2 बेलगढ़ा और 1 चीनौर में गिरा है ये सेटेलाईट में यूज होने वाले हैड्रोजन फ्यूल सेल हैं, सभी गोलों को जब्त कर सुरक्षित रख लिया गया है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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