CoviShield के 1 डोज से 80 फीसदी तक कम हो जाता है मौत का जोखिम – रिसर्च

Covishield

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल के बीच बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड के रिसर्च से पता चला है कि ऑक्‍सफर्ड एस्ट्रेजनेका(AstraZeneca) वैक्‍सीन के मात्र एक डोज से मौत का खतरा 80 फीसदी कम हो जाता है। यह वही वैक्‍सीन है जिसे भारत में बड़े पैमाने पर कोविशील्‍ड (Covishield) के नाम से लगाया जा रहा है। वहीं अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्‍सीन (American company Pfizer’s vaccine) के दो डोज से मौत का खतरा करीब 97 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

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ब्रिटेन की पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) की रिसर्च में यह भी खुलासा हुआ है कि फाइजर या एस्ट्राजेनेका (CoviShield ) वैक्सीन की एक डोज लगाने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों में कोरोना का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाता है। वही जो लोग पहली डोज लेने के तीन सप्ताह बाद संक्रमित हो गए थे, उनसे वैक्सीन डोज न लेने वाले घर के सदस्यों के संक्रमित होने की संभावना 38 से 49 प्रतिशत कम थी।

इसके अलावा पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड के अनुसार, कोरोना वैक्‍सीन लगाए जाने से अबतक 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा चुकी है। ब्रिटेन की 1 करोड़ 80 लाख की आबादी में से हर 3 में से एक वयस्‍क को कोरोना वैक्‍सीन लगाई जा चुकी है। इससे ब्रिटेन में संक्रमण, मरीजों को अस्‍पताल में भर्ती कराए जाने और मौतों का आंकड़ा काफी कम हो गया है।इसकी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (British Prime Minister Boris Johnson) ने इसे सराहा है।

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पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड की रिसर्च में यह भी कहा गया है कि इन आंकड़ों को जारी करने से पहले इंग्‍लैंड में 50 हजार लोगों के दस्‍तावेजों की जांच की थी, जिसमें वो लोग शामिल थे, जो लोग दिसंबर से अप्रैल महीने में कोरोना से संक्रमित हुए थे। इनमें से 13 प्रतिशत लोगों को फाइजर का एक डोज और 8 प्रतिशत लोगों को एस्‍ट्रेजनेका (CoviShield ) की वैक्‍सीन का एक डोज दिया गया था। इस व‍िश्‍लेषण से पता चला कि दोनों में से प्रत्‍येक वैक्‍सीन के मात्र एक डोज ने मौतों की संख्‍या को करीब 80 प्रतिशत तक कम कर दिया।

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