इस सीमेंट मालिक के घर पड़ा इनकम टैक्स का छापा, 17 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी

इस सीमेंट मालिक के घर पड़ा इनकम टैक्स का छापा, 17 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी

सतना, पुष्पराज सिंह बघेल

केजेएस सीमेंट के मालिक पवन अहलूवालिया के घर पिछले पांच अगस्त से छापामार कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में ईडी ,इनकमटैक्स के साथ साथ जीएसटी विभाग जांच कर रहा। अब तक 17 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी सामने आ चुकी है। वही साढ़े सात करोड़ से ज्यादा की रकम का नगद ब्यापार करना पाया गया ।

टीम को 52 लाख का कैश भी बरामद हुआ है । वही केजेएस सीमेंट के चीफ वाइस प्रसिडेंट केएस सिंघवी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं , कार्रवाई अभी भी जारी है ।

जीएसटी विभाग की टीम गिरफ्तार वाइस प्रसिडेंट को लेकर जबलपुर जा सकती है , दरअसल पिछले 5 अगस्त से जांच जारी थी लेकिन जांच में सहयोग न करने पर जीएसटी की टीम ने पुलिस बल का सहारा लिया और घर को अपने कब्जे में ले रखा है।

सतना के बांधवगढ कालोनी में बने आलीशान भवन में ये कार्रवाई चल रही है। वही मैहर में स्थित केजेएस सीमेंट प्लांट में भी एक टीम जांच कर रही ,वही फैक्टरी मालिक पवन अहूबालिया के करीबी ,ब्यवसायिक संबद्ध रखने वाले प्रदीप अरोरा ,बब्बल केडिया और सीमेंट फैक्ट्री के प्रशासक बीके त्रिपाठी के आवास पर छापा मार कर जरूरी दस्ताबेज जब्त किए है, उसकी भी जांच जारी है ।

कंपनी के मालिक पवन अहलूवालिया फरार हो चुके है ।टीम ने वाइस प्रेसिन्डेन्ट को 25 तारीख तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews