MP में 63 हजार करोड़ से 5 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी, भोपाल से ग्वालियर समेत इन शहरों के बीच बनेंगी नई सड़कें

मध्य प्रदेश में 1,398 किलोमीटर के पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। तीन के संभावित रास्तों की जांच जारी है। भोपाल-ग्वालियर सहित दो प्रोजेक्ट में कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया चल रही है। 
MP Greenfield Corridor

मध्य प्रदेश में भोपाल से ग्वालियर और मंदसौर सहित पांच प्रमुख मार्गों पर नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है। इनकी कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर और अनुमानित लागत 63 हजार 296 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की बैठक में इन पांचों प्रोजेक्ट की शुरुआती जांच और उसके बाद जरूरत के अनुसार DPR तैयार करने की अनुमति दी गई। हालांकि, अभी इन सड़कों का निर्माण शुरू करने की मंजूरी नहीं मिली है।

प्रस्ताव के मुताबिक भोपाल से ग्वालियर के बीच 320 किलोमीटर, भोपाल से मंदसौर 258 किलोमीटर, सागर से सतना 227 किलोमीटर, जबलपुर से आशापुर 358 किलोमीटर और कटनी से सिंगरौली के बीच 235 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाना है। पांचों सड़कें चार लेन की होंगी। इन पर वाहनों के आने-जाने के लिए तय प्रवेश और निकास मार्ग रखने की योजना है।

तीन प्रोजेक्ट के लिए रास्ते तलाशे जा रहे, दो में टेंडर प्रक्रिया जारी

इन पांचों कॉरिडोर की तैयारी अलग-अलग चरणों में है। भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर मार्ग के लिए कंसल्टेंट संभावित रास्तों की जांच कर रहे हैं। उनकी ओर से कुछ रास्ते सुझाए भी गए हैं, जिनमें से सड़क विकास निगम को उपयुक्त रास्ता चुनना है।

वहीं भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए अभी DPR तैयार करने वाले कंसल्टेंट का चयन नहीं हुआ है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। यानी इन दोनों मार्गों पर विस्तृत सर्वे और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम अभी शुरू होना बाकी है।

निर्माणाधीन सड़कों को जल्द पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की जानकारी ली और उन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि गांवों, कस्बों और शहरों को ऐसी सड़कों से जोड़ना जरूरी है, जिन पर सालभर आवागमन हो सके। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के साथ नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास और दूसरे संबंधित विभागों को मिलकर काम करने को कहा गया है। बैठक में सड़क विकास निगम की प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नाम बदलकर ‘विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ’ करने का फैसला भी लिया गया।

खेती के कंबाइन हार्वेस्टर को टोल से छूट देने का प्रस्ताव मंजूर

सड़क विकास निगम की बैठक में किसानों से जुड़ा एक फैसला भी हुआ। खेती में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को निगम की संबंधित टोल योजनाओं के सभी टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा जावरा-नयागांव फोरलेन परियोजना में पूरी इक्विटी के विनिवेश की अनुमति दी गई। निगम में दो मुख्य अभियंता, तीन महाप्रबंधक और पांच उप महाप्रबंधक के नए पद बनाने, भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित मप्र तिलहन संघ भवन के अधिग्रहण और कुछ सड़क परियोजनाओं का स्वामित्व निगम को सौंपने सहित अन्य प्रस्ताव भी मंजूर हुए। पांचों ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के मामले में अब पहले सर्वे और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़कें किन रास्तों से गुजरेंगी और निर्माण की प्रक्रिया कब शुरू हो सकेगी।

Manisha Kumari Pandey
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