MP News: प्रियंका, कमलनाथ और अरुण यादव के खिलाफ FIR दर्ज, 50% कमीशन वाले पत्र को वायरल करने का है आरोप, पढ़ें पूरी खबर

MP News: प्रियंका, कमलनाथ और अरुण यादव के खिलाफ FIR दर्ज, 50% कमीशन वाले पत्र को वायरल करने का है आरोप, पढ़ें पूरी खबर

MP News: लगभग तीन दिन पहले पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ग्वालियर के कांट्रेक्टर ज्ञानेंद्र अवस्थी का लिखा एक पत्र वायरल किया था। इस पत्र में ज्ञानेंद्र ने मध्य प्रदेश सरकार पर ठेकों के एवज में 50 पर्सेंट कमीशन लेने की बात कही थी और इसको लेकर हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद कमलनाथ, जयराम रमेश और दूसरे कांग्रेसी नेताओं ने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर किया था और इसे लेकर सरकार पर भी जमकर निशाना साधा था।

प्रियंका गांधी ने किया था ट्वीट

पत्र वायरल होने के बाद प्रियंका गांधी ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर इस पत्र को शेयर किया और लिखा कि ‘कर्नाटक में 40% कमीशन वाली सरकार को बाहर किया अब मध्य प्रदेश में 50 पर्सेंट कमीशन वाली सरकार को भी सत्ता से हटाएंगे’।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया आरोपों का खंडन

कांग्रेसी नेताओं के पत्र वायरल करने के बाद शनिवार को सबसे पहले सरकार की ओर से मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस पत्र का खंडन किया। नरोत्तम ने पत्र को फर्जी बताया और प्रियंका पर निशाना साधा और कहा, “प्रियंका जी कांग्रेसियों ने आपको भी झूठा साबित कर दिया है”। नरोत्तम के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस पत्र को फर्जी बताते हुए कांग्रेसियों पर हमला बोला।”

सीएम शिवराज ने क्या कहा?

इस मामले में मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, “हमने इंटेलिजेंस से जांच कराई थी जिसके बाद यह लेटर फर्जी निकला, संस्था फर्जी निकली, लेटर लिखने वाला फर्जी निकला।”

वीडी शर्मा ने साइबर क्राइम ब्रांच को दी थी जानकारी

वीडी शर्मा द्वारा इस पत्र की जानकारी साइबर क्राइम में बताए जाने के बाद में पूरे प्रदेश में बीजेपी के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए थे और अलग-अलग स्थानों पर इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने थाने में पहुंचे थे। खुद भोपाल में जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एमपी नगर थाने में प्रियंका गांधी, कमलनाथ, अरुण यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था।

इंदौर और ग्वालियर में एफआईआर दर्ज

इंदौर के संयोगितागंज थाने में प्रियंका गांधी, कमलनाथ और अरुण यादव के खिलाफ 50 पर्सेंट कमीशन वाले फर्जी पत्र को वायरल करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है। इंदौर के बाद ग्वालियर में भी अज्ञात लोगों के नाम से इस पत्र को फर्जी बताते हुए एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि “जिस नाम के व्यक्ति के साथ और जिस संस्था के नाम के साथ यह एफआईआर दर्ज कराई गई है, ग्वालियर के वसंत विहार क्षेत्र में ना तो इस नाम का व्यक्ति रहता है और ना ही इस संस्था के होने का साक्ष्य मिलता है।” ग्वालियर में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य एडवोकेट पंकज पालीवाल ने क्राइम ब्रांच थाने में धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच की तो संस्था का पता और संस्था फर्जी निकली।

अरुण यादव की प्रतिक्रिया 

एफआईआर के बाद अरुण यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होनें ट्वीट किया और लिखा “जब काँग्रेस पार्टी के नेता अंग्रेजों के फाँसियों से नहीं डरें तो उनके तलवे चाटने वाले विचारधारा की एफआईआर से भी नहीं डरने वाले। हमारे नेता राहुल गांधी जी कहते हैं, ‘डरो मत।’ पहले लड़े थे गोरों से अब लड़ेंगे 50% कमीशनखोरों से।”

Manisha Kumari Pandey
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