
Leader of Opposition wrote a letter to the Election Commission of India: नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होने कहा है कि एनजीटी (National Green Tribunal) की बैंच के समक्ष चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैस के बिना तैयारी के जाने और मामले पर राज्य शासन पर 5 लाख की पेनल्टी लगाने का मामला उठाया है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि मध्यप्रदेश में ऐसे मुख्य सचिव को सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रदेश सरकार लगातार सेवा वृद्धि दे रही है। इस स्थिति में उन्होने निष्पक्ष रूप से विधानसभा चुनाव संपन्न होने को लेकर संशय जाहिर किया है।
नेता प्रतिपक्ष द्वारा लिखा गया पत्र
‘मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के संबंध में। विषयान्तर्गत दैनिक भास्कर समाचार पत्र दिनांक 19.08.2023 में प्रकाशित खबर की छायाप्रति संलग्न हैं जिसमें माननीय नेशनल ग्रीन ट्रब्यूनल (N.G.T) की बैंच द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के पूरे सिस्टम को ही अक्षम बताया गया है एवं मुख्य सचिव द्वारा बिना पढ़े शासन का पक्ष रखने पर 05 लाख रूपए की पेनाल्टी लगाई गई हैं एवं सख्त टिप्पणी की है कि ऐसे राज्य का भगवान ही मालिक है।’
‘निर्वाचन आयोग निष्पक्षता से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसे मुख्य सचिव को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रदेश सरकार की अनुकम्पा पर 6-6 माह के लिए सेवा वृद्धि की गई है। क्या ऐसे मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस के रहते मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव पूर्ण ईमानदारी एवं निष्पक्षता से संपन्न होंगे, यह यक्ष प्रश्न है ? मेरे द्वारा पूर्व में भी श्री बैस की सेवा वृद्धि नहीं किए जाने हेतु आपको पत्र लिखा था। मेरा आपसे अनुरोध है कि मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस को तत्काल पद से हटाकर अन्य किसी अधिकारी को नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त करने हेतु प्रदेश सरकार को निर्देशित करने का कष्ट करें।’
क्या है मामला
दरअसल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल के केरवा और कलियासोड डेम के बफर जोन में हो रहे निर्माण को लेकर पिछले आदेशों की अनदेखी पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। गुरुवार को इस दौरान मुख्य सचिव द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद एनजीटी की बैंच ने राज्य सरकार पर 5 लाख की पेनल्टी लगाई। साथ ही इस बात पर नाराजगी भी जताई कि मुख्य सचिव बिना फाइलों को पढ़े हुए अदालत में सरकार का पक्ष रखने चले आए हैं। अब नेता प्रतिपक्ष ने उसी मामले का हवाला देते हुए भारत के निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है और इकबाल सिंह बैस की सेवा वृद्धि को खत्म कर नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति की मांग की है।
#मुख्य_सचिव को लेकर नेता #प्रतिपक्ष का पत्र…@GovindSinghDr @INCMP @BJP4MP @CMMadhyaPradesh @OfficeOfKNath pic.twitter.com/T34YpGj5Ao
— MP Breaking News (@mpbreakingnews) August 19, 2023
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

