सिंधिया ने क्यों लगाया हर हर महादेव का नारा! क्या है इसका ऐतिहासिक महत्व

सिंधिया ने क्यों लगाया हर हर महादेव का नारा! क्या है इसका ऐतिहासिक महत्व

भोपाल, गौरव शर्मा। खरगोन जिले के रावेरखेड़ी में बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने हर हर महादेव का नारा लगाया। मौका था बाजीराव पेशवा प्रथम के समाधि स्थल पर आयोजित जयंती समारोह का और इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।

जब केंद्रीय मंत्री Scindia ने कहा – कुछ तो बात है, हस्ती नहीं मिटती हमारी…

जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को खरगोन के रावेरखेड़ी में पहुंचे। रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवा प्रथम की समाधि स्थित है जो सिंधिया के ही पूर्वजों ने बनवाई है। इस स्थान पर अब एमपी सरकार ने ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसमें 29 करोड़ रूपये की लागत से बाजीराव पेशवा की 28 फीट ऊंची प्रतिमा के अलावा संग्रहालय, सैनिक स्कूल, नौका विहार सहित सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस अवसर पर सिंधिया ने शिवाजी महाराज को याद किया और बताया कि किस तरह उस समय राष्ट्र विरोधी ताकतों के सामने हर हर महादेव का नारा राष्ट्रीय चेतना जगाने का काम करता था और बाजीराव प्रथम ने राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए किस तरह से मराठा सरदारों को एकता के सूत्र में बांधा और देश विरोधी ताकतो को मुहतोड़ जवाब दिया। आज भी भारतीय सेना की शिवाजी रेजिमेंट में हर हर महादेव का नारा लगाया जाता है।

दरअसल देश में पहली बार हिंदू पद पादशाही का सिद्धांत भी बाजीराव प्रथम ने दिया था। हर हिंदू राजा के लिए आधी रात मदद करने को बाजीराव प्रथम तैयार रहते थे। देश का बादशाह एक हिंदू हो, उनके जीवन का लक्ष्य ये था। लेकिन जनता किसी भी धर्म को मानती हो उसके साथ वो न्याय करते थे। उनकी अपनी फौज में कई अहम पदों पर मुस्लिम सिपहसालार थे, लेकिन वो युद्ध से पहले हर हर महादेव का नारा भी लगाना नहीं भूलते था। उनको टैलेंट की इस कदर पहचान थी कि उसके सिपहसालार बाद में मराठा इतिहास की बड़ी ताकत के तौर पर उभरे। होल्कर, सिंधिया, पवार, शिंदे, गायकवाड़ जैसी ताकतें जो बाद में अस्तित्व में आईं, वो सब पेशवा बाजीराव बल्लाल भट्ट की देन थीं। सिंधिया ने यह भी कहा कि “आज भले ही बाजीराव प्रथम इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी जीवित हैं। उनके सरदार आज भी जीवित हैं।”

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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