लापरवाही और कालाबजारी के बीच बुझ गया घर का चिराग, परिजनों ने प्रशासन पर लगाए संगीन आरोप, वीडियो वायरल

इंदौर, प्रशासन

इंदौर, आकाश धोलपुरे। कोरोना (corona) की रफ्तार इंदौर (indore) में इस कदर हावी है कि हर कोई सन्न है। वहीं इसी रफ्तार के बीच शासन (administration) और प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे है। दरअसल, इंदौर के नंदानगर में रहने वाले एक युवक की ऑक्सीजन (oxygen) की कमी और रेमडेसिवीर इंजेक्शन (remdesivir injection) न मिल पाने के कारण मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल की लापरवाही और इंजेक्शन (injection) की कालाबाजारी (black marketing) के चलते उनके परिवार का चिराग बुझ गया।

मृतक राजेश वाजपेयी को 10 दिन पहले भर्ती किया गया था और गुरुवार को उनकी मौत की खबर उनके परिजनों को दी गई। जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक की पत्नि सहित काकी और पिता के साथ ही भाई ने कई गम्भीर आरोप लगाते हुए वीडियो भी सामने ला दिया है। वीडियो में एक नर्स इंचार्ज खुद को एक मरीज बता रही थी लेकिन बाद में वो डॉक्टर के पास दिखी तो पता चला कि उनके पास रेमडेसिवीर इंजेक्शन है। लेकिन जब नर्स से पूछा गया तो वह मौके से भाग निकली।

इधर, मृतक के भाई ने मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा इंजेक्शन के नाम पर की जा रही काला बाजारी को भी उजागर किया। मृतक राजेश के भाई रूपेश और पिता अनिल वाजपेयी ने कई संगीन आरोप लगाए है। परिजनों का आरोप है कि मृतक से बात करने के लिए उन्हें 100 रुपये देने पड़ते थे। वहीं रेमडेसिवीर के इंजेक्शन के लिए उनके परिवार की दोनो बहुओं को दिन भर भटकना पड़ता था। बावजूद इसके अस्पताल के पास इंजेक्शन उपलब्ध होने के बाद भी नहीं लगाए गए और उल्टा हालत बिगड़ने पर ब्लड की जांच की बात कही गई। जबकि डॉक्टर्स को शुरुआत में ही ब्लड की जांच करवानी चाहिए थी। बता दें कि मृतक राजेश की माँ शिरोमणि वाजपेयी की भी मौत हाल ही में हुई है।

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इधर, मृतक राजेश की काकी इतनी आक्रोशित है कि उन्होंने जमकर सवाल उठाए। मृतक राजेश वाजपेयी की काकी रीता वाजपेयी ने न सिर्फ प्रदेश के सीएम को मीटिंग लेने वाला सीएम बताया बल्कि इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह पर संगीन आरोप लगाए। इधर, मृतक के भाई ने भी मेडिकल दुकान पर रेमडेसिवीर इंजेक्शन की काला बाजारी के मामले का वीडियो बनाया है।

फिलहाल, इंदौर में इस मामले के सामने आने के बाद हर कोई हैरत में है क्योंकि परिस्थितियां विपरीत हैं। और ऐसे में किस पर विश्वास किया जाए ये आम आदमी की समझ से परे है और ये ही वजह है कि आम आदमी का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है।

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