घर से बाहर निकल रहे लोगों पर प्रशासन सख्त, देखें वीडियो

घर से बाहर निकल रहे लोगों पर प्रशासन सख्त, देखें वीडियो

इंदौर। आकाश धौलपुरे. मध्यप्रदेश के इंदौर में डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र के कोरोना को लेकर दिए गए सख्त निर्देश का पालन जमीनी तौर पर पुलिस द्वारा किया जा रहा है। इंदौर के सुभाष चौक और रानीपुरा क्षेत्र के 2 वीडियो ने आम जनता को बता दिया है कि कोरोना को हल्के में ना ले और बिना किसी कारण के अपने घरों से ना निकले। हालांकि पुलिस ना सिर्फ लाठियां भांजकर ऐसे लोगो को लू ही नही उतार रही है बल्कि इंदौर पुलिस का एक दूसरा रूप भी सामने आ रहा है जिसमे वो सड़क पर पड़े लाचार लोगो की मदद करते भी नजर आ रही है। इतना ही इंदौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र में तो पुलिस मेडिकल दुकान पर ना सिर्फ मेडिकल संचालकों की मदद कर रही है बल्कि कोरोना से बचाव के लिए लोगो को मेडिकल संचालकों के साथ समझाईश भी देती नजर आ रही है। दो वीडियो में जहां अनावश्यक कारणों के चलते सड़क पर बेमतलब वाहन पर घूम रहे लोगो पर लाठी चला रही है। पहला वीडियो इंदौर के सुभाष चौक का है तो दूसरा वीडियो रानीपुरा क्षेत्र का है जहां पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि कुछ लोग लॉक डाउन के बावजूद सड़क पर तफरीह कर रहे है। ऐसे लोगो पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को लाठी हाथ मे उठानी पड़ रही है वही दूसरी ओर इंदौर में पंढरीनाथ के थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने सड़को पर बैठे लाचार लोगों के हाथ धुलवा कर खाने का सामान दिया और ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इधर, अन्नपूर्णा पुलिस के जवानों ने उषा नगर स्थित आनंद मेडिकोज पर लोगो को समझाइश भी दी। कुल मिलाकर पुलिस कोरोना के संक्रमण को लेकर संजीदा नजर आ रही है और अपने दोनों रूप के जरिये आम जनता को घरों में रहने की सलाह देने के साथ ही सिंघम और दबंग स्टाइल में संक्रमण की गम्भीरता को बता रही है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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