लव जिहाद मामले में आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पुलिस पकड़ से दूर, फरारी में मददगार बेटी गिरफ्तार

पुलिस को मालूम चला है कि आयशा पिछले दिनों सुखलिया में रहने वाले दोस्त नवनीत कुरेचिया से मिलने आई थी और इसी दौरान उसने उसकी सिम चुराई थी। वो उससे अनवर से संपर्क में थी, अनवर भी दूसरी सिम से आयशा के संपर्क में था जो अभी बंद आ रही है।
Anwar Qadri

लव जिहाद और धर्मान्तरण मामले के आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ़ अनवर डकैत की बेटी आयशा को इंदौर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है, पुलिस का दावा है कि आयशा अनवर की फरारी में मदद कर रही है, उनके पास टेक्नीकल एविडेंस हैं, पुलिस ने आयशा को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया है।

इंदौर की बाणगंगा थाना पुलिस लंबे समय से अनवर कादरी की तलाश का रही है लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन इस बीच पुलिस को खबर लगी कि दिल्ली में कानून की पढाई कर रही अनवर की बेटी उसकी ब्मदाद कर रही है, पुलिस ने मुखबिर तंत्र मजबूत किया और फिर कुछ सबूत जुटाए और दिल्ली जाकर आयशा को गिरफ्तार कर लिया।

तकनीकी सबूत के आधार पर मददगार बेटी गिरफ्तार 

एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि हमारे पास तकनीकी सबूत हैं जिसके आधार पर हमने आयशा को पकड़ा है, और उसका पीआर लिया है उससे पूछताछ की जा रही है कि वो कैसे अनवर की मदद कर रही थी , उन्होंने बताया कि अनवर पर इनाम की राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है उसपर NSA भी लगा हुआ है पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों ने लगाये हैं अनवर कादरी पर फंडिंग के आरोप 

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों इंदौर पुलिस ने लव जिहाद के आरोप में दो आरोपियों अल्ताफ खान और साहिल खान को गिरफ्तार किया था, पूछताछ में उन्होंने बताया था कि उन्हें कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ़ अनवर डकैत ने पैसे दिए थे और कहा था कि उन्हें हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाना है, शादी का झांसा देना है और उनसे देह व्यापार करवाना है इस बयान के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और तभी से उसकी तलाश जारी है।

[dgv_vimeo_video id=”1105446566″]

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट  

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews