कोरोना पॉजिटिव बेटी बढ़ा रही है अस्पताल में सबका हौंसला,नृत्य के जरिये कर रही मोटिवेट

कोरोना पॉजिटिव बेटी बढ़ा रही है अस्पताल में सबका हौंसला,नृत्य के जरिये कर रही मोटिवेट

इंदौर/आकाश धोलपुरे

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या इंदौर में 2300 पार कर चुकी है और इस बीच अपने हौंसले के साथ इंदौर की एक बेटी ने अस्पताल से ही संदेश दिया कि कोरोना से इंदौर और इंडिया विश्वास के सहारे जीतेगा। अब इंदौर की इस बेटी की अपील और उसके द्वारा अस्पताल में ही किया गया डांस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बता दें कि 13 साल की शिवांगी पूर्व पार्षद भूपेंद्र चौहान की बेटी है और 10 मई से शिवांगी और उसके परिवार के 3 लोग कोरोना की जंग इंदौर के अरविंदो अस्पताल में लड़ रहे हैं। शिवांगी न सिर्फ अस्पताल के डॉक्टर्स बल्कि मरीजों का हौंसला भी अपनी नृत्य कला के जरिये बढ़ा रही है। शिवांगी ने अस्पताल से ही इंदौरवासियों को समर्पित एक डांस वीडियो और कोरोना वायरस से निडर होकर सामना करने का दिया संदेश भेजा है। नृत्य की कत्थक शैली से लोगो का दिल जीतने वाली शिवांगी एक बेहतर मोटिवेटर भी साबित हो रही है। वार्ड 18 के पूर्व पार्षद भूपेंद्र चौहान की बेटी ने अरविंदो अस्पताल के डॉक्टर्स और मेडिकल स्टॉफ का सेल्यूट कर ये भी कहा कि कोरोना हारेगा जीतेगा इंदौर और जीतेगा इंडिया। आईये देखते हैैं कि अपने वीडियो में शिवांगी क्या कहा और कैसे वो अपनी नृत्य कला के जरिये अस्पताल में मरीजों का विश्वास को बढ़ा रही है। फिलहाल, शिवांगी और उसके परिवार का इलाज अरविंदो अस्पताल में जारी है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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