कोरोना के खिलाफ जंग छेड़ने वाले योद्धा की मौत

कोरोना के खिलाफ जंग छेड़ने वाले योद्धा की मौत

इंदौर।

आज के समय में भारत के सबसे संक्रमित जिलों में शामिल मध्य प्रदेश(madhyapradesh) का मिनी मुंबई इंदौर(indore) इस संक्रमण की वजह से कई सवालों के घेरे में है। जहां अचानक से कोरोना वायरस से बढ़ रहे मरीजों की संख्या के साथ साथ इससे अचानक हो रहे लोगों की मौत भी बड़ा सवाल खड़े कर रही है। दरअसल हम बात कर रहे हैं इंदौर के साकेत बिलगैयाँ की।साकेत(saket) बिलगैयाँ कई दिनों से अपने घर में रहकर ही सोशल मीडिया(social media) पर जागरूकता अभियान चला रहे थे। जहां साकेत लगातार सोशल मीडिया के जरिए वीडियो बनाकर लोगों को कोरोना वायरस(coronavirus) के संक्रमण में आने से बचने की सलाह देते रहे थे। सोशल मीडिया के जरिए ही उन्होंने इस महामारी से युद्ध कर इसका डटकर मुकाबला करने का प्रण लिया था। वह किसी संक्रमित के संपर्क में नहीं थे। किंतु रविवार को साकेत की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल मूल रूप से ललितपुर(lalitpur)जिले के रहने वाले साकेत बिलगैयाँ लॉक डाउन(lockdown) शुरू होने के बाद से अपने घर पर ही थे। जहां वह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भी वीडियो(video) बनाकर जागरूकता फैलाने का काम कर रहे थे। किंतु कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रिपोर्ट में वो कोरोना संक्रमित पाए गए। इसी के बाद रविवार सुबह इस संक्रमण की चपेट में आने से अस्पताल(hospital) में ही उनकी मौत हो गई। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमित साकेत सब्जी, दूध या किसी जरूरी सामग्री के वितरक के संपर्क में आने के बाद इस संक्रमण की चपेट में आए होंगे। वहीं साकेत ने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर लोगों से घरों में रहने की अपील की थी।

वहीं दूसरी तरफ उनकी मौत के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं कि आखिर होम क्वॉरेंटाइन(home quarantine) में रहने के बाद भी साकेत कोरोना संक्रमित कैसे हुए। क्या इंदौर जिले में कोरोना खतरनाक स्टेज में पहुंच चुका है। बता दें कि अकेले इंदौर जिले में कोरोना के 841 संक्रमित हैं। वहीं शनिवार देर रात को रोना के कारक की वजह से एक थाना प्रभारी की मौत हो चुकी है। जिसके साथ ही इंदौर में इस महामारी से मरने वाले की संख्या 51 हो गई है।

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