निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, पांच एडवाइजरी कंपनी के 8 लोग गिरफ्तार

निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, पांच एडवाइजरी कंपनी के 8 लोग गिरफ्तार

इंदौर| आकाश धोलपुरे| एडवायजरी के नाम पर कई कंपनियां फर्जी तरीके अपनाकर इंदौर के बाहर के लोगो से इन्वेस्टमेंट करा लेती है जिसके बाद लोग निवेश के लालच में ठगी का शिकार हो जाते है। इंदौर में शनिवार रात तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने बेहतर निवेश का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 6 कंपनियों में से 5 कंपनियां सेबी के नियमो का उल्लंघन करती पाई गई और संदिग्ध क्रियाकलाप होने के चलते 5 कंपनियों में अलग अलग पदों पर काम करने वाले 8 लोगो को गिरफ्तार किया है।

देश मे दूसरी आर्थिक राजधानी के रूप में जाने, जाने इंदौर से संचालित होने वाली कम्पनियों द्वारा बाहरी राज्यो के निवेशकों से निवेश कराया जाता था साथ ही सेबी के नियमो के मुताबिक यहां काम करने वाले कर्मचारियों की योग्यता भी पोस्टग्रेजुएट नही पाई गई जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में विजय नगर थाना क्षेत्र की 4 तो लसूड़िया थाना क्षेत्र की 1 कंपनी पर मामला दर्ज कर यहां से 8 लोगो को गिरफ्तार किया है।

बता दे कि शनिवार को क्राइम ब्रांच और इंदौर पुलिस की सयुंक्त कार्रवाई में 9 टीमो ने 6 कंपनियों के 9 ठिकानों पर पुलिस टीम के 150 सदस्यों के साथ रेड मारी थी। 6 एडवायजरी कंपनियों में से 5 कंपनियों के विरूद्ध थाना विजयनगर व लसूड़िया में 420 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एडवायजरी कंपनियों के खिलाफ मिली करीब 50 से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। संदिग्ध 5 कंपनियां पुणे, बेंगलोर,चंडीगढ़ सहित इंदौर के बाहर के लोगो को ठगी का शिकार बनाते थे ताकि ठगी होने के बाद निवेश करने वाले ठगी के शिकार या तो शिकायत न करे या फिर गुमराह हो जाये। इंदौर एस.पी.विजय खत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बताया कि आने वाले समय मे और भी शिकायते मिलती है तो करोड़ो की ठगी का मामला सामने आ सकता है।

एस. पी. विजय खत्री ने बताया कि पुलिस पूछताछ में जुटी है और एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, ताजा कार्रवाई में ये बातें सामने आ रही है कि एडवायजरी कंपनियां लोगो को ठगी का शिकार बनाने के बाद मोबाइल नम्बर भी बंद कर लेती और अपना एड्रेस फर्जी बताती थी।

इंदौर पुलिस की पड़ताल और कार्रवाई के बाद ये साफ हो चला है कि यदि कोई पैसा दुगुना करने के नाम पर आपको प्रलोभन दे तो पहले उस कंपनी की जांच पड़ताल करे और सतर्क रहें। क्योंकि चिटफंड, मल्टी लेवल मार्केटिंग, अनाधिकृत रूप से चलने वाली इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कम्पनियों, साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर लोगों से पूँजी जमा कराकर धोखाधड़ी करने वाली कम्पनियों द्वारा पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

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