गैंगस्टर युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद इंदौर एयरपोर्ट से गिरफ्तार

गैंगस्टर युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद इंदौर एयरपोर्ट से गिरफ्तार

इंदौर।

मध्यप्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के चलते आज इंदौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंदौर पुलिस ने दहशतगर्दी के दूसरे नाम याने युवराज उस्ताद को गिरफ्तार कर लिया है। बता दे कि 38 साल का युवराज पिता विष्णु काशिद मूलतः महाराष्ट्र के अहमद नगर के सरोला इलाके का रहने वाला है और अपने पिता द्वारा इंदौर में बनाई गई हैसियत का फायदा उठाते हुए इंदौर में लंबे समय तक अपराध की दुनिया मे अपना नाम कायम रखा। राजनीतिक संबंधो के साथ भूमाफियाओ पर प्रभाव और आपराधिक दुनिया मे राज करने वाले युवराज काशिद को अपराध जगत में युवराज उस्ताद के नाम से जाना जाता है।

मिली जानकारी के मुताबिक, इंदौर क्राइम ब्रांच और परदेशीपुरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी युवराज इंदौर से मुंबई जाने के एयरपोर्ट पर तैयार खड़ा है और पुलिस ने एयरपोर्ट के सामने स्थित चाय की दुकान से उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, गैंगस्टर युवराज उस्ताद आज सुबह ही गुपचुप तरीके से मुंबई से इंदौर, अपने परिवार से मिलने पहुंचा था लेकिन इंदौर से मुंबई जाते वक्त आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

बताया जा रहा है की इंदौर के परदेशीपुरा थाना प्रभारी के प्रतिवेदन के बाद इंदौर कलेक्टर ने युवराज काशिद के खिलाफ एन.एस.ए. के तहत जनवरी में वारंट जारी किया था। इधर, पुलिस पूछताछ के दौरान युवराज उस्ताद ने बताया कि वो दिसम्बर महीने में ही सड़क मार्ग के जरिये अपने पैतृक गांव महाराष्ट्र पहुंच गया और वो अहमद नगर में अलग – अलग स्थानों पर फरारी काट रहा था। बता दे कि अपने पिता विष्णु उस्ताद की हत्या का बदला लेने के युवराज काशिद ने महू जेल में ही जीतू ठाकुर की हत्या करवा दी थी। इंदौर के वंशीप्रेस की चाल परदेशीपुरा में रहने वाले गैंगस्टर के अवैध निर्माण पर भी निगम ने बुलडोजर चलाया था।

वही पुलिस जांच में ये भी पता चला है कि युवराज काशिद ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुंबई से इंदौर आते वक्त वाय. काशिद नाम का उपयोग किया था लेकिन गैंगस्टर की चतुराई काम ना आ सकी और आखिर में मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, पुलिस युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद से पूछताछ में जुटी हुई है।

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