इंदौर में फलों की होगी होम डिलीवरी, 100 और 250 रूपये की मिलेगी टोकरी

इंदौर में फलों की होगी होम डिलीवरी, 100 और 250 रूपये की मिलेगी टोकरी

इंदौर| आकाश धोलपुरे| जिला प्रशासन और नगर निगम (District Administration and Municipal Corporation) ने तैयारी पूरी कर ली है, जिसके बाद शनिवार से फलों (Fruits) के ऑर्डर भी लिए जाएंगे और एक से दो दिन के बीच लोगो के घरों तक फलों की डिलिवरी भी की जाएगी। इसके पहले प्रशासन ने फल विक्रेताओं की एक बैठक ली जिसमे कोविड शर्तो का पालन कर आम लोगो तक वाजिब दामो पर फल पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन द्वारा भुगतान के आधार पर कॉम्बोपैक में फल विक्रय की व्यवस्था के लिये फलों के एकत्रीकरण एवं पैकेजिंग के लिये शहर के सात स्कूल, गार्डन तथा अन्य संस्थाओं का अधिग्रहण किया जा चुका है। प्रशासन ने मालवा इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी पलासिया चौराहा बायपास रोड, एकायना स्कूल बायपास रोड, ग्रेटर बाबा गार्डन एयरपोर्ट रोड, गोल्डर लीव्स बायपास रोड, ड्रीमवर्ल्ड नैनोद रोड गोमटगिरी के पास, सिल्वर पार्क सिल्वर स्प्रिंग के सामने बायपास रोड तथा कार – ओ – बार इंदौर-देवास बायपास को अधिग्रहित किया है। डोर टू डोर प्लान (Door to door plan) के तहत फलो को क्षेत्रीय किराना व्यापारियों द्वारा किराना सामग्री और सब्जी साथ घर-घर पहुंचाया जाएगा।

कॉम्बो पैक के जरिये इन फलों का विक्रय होगा
फलो के कॉम्बो पैक के लिए निगम ने एक व्यवस्था के तहत 2 पैक बनाये है जहां एक पैक की कीमत 100 रूपये होगी और इस पैक में एक नग तरबूज साढ़े तीन से चार किलो तक तथा एक नग खरबूजा एक से डेढ़ किलो तक रहेगा। इसी तरह दूसरी टोकरी 250 रूपये कीमत की होगी। जिसमें दो किलो आम, डेढ़ किलो मौसंबी और एक नग पपीता दो से ढाई किलो तक का रहेगा।

कोरोना काल मे लंबे अर्से के बाद रेड जोन में शामिल इंदौर में फलों की बिक्री होगी जिसमें मौसमी फलों की बहार, लोगो के जायके को बढ़ाने के लिए तैयार है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews