स्वैच्छिक लॉकडाउन की ओर अग्रसर इंदौर, 56 दुकान ने लिया ये फैसला, 8 दिनों में 34 की मौत

स्वैच्छिक लॉकडाउन की ओर अग्रसर इंदौर, 56 दुकान ने लिया ये फैसला, 8 दिनों में 34 की मौत

इंदौर, आकाश धोलपुरे| एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ बीते एक माह से लगातार अपनी खबरो के जरिये ये बताने का प्रयास कर रहा है कि इंदौर को राजगढ़ की तर्ज पर स्वैच्छिक लॉकडाउन (Lockdown) की ओर जाना पड़ सकता है। आखिरकार, कोरोना (Corona) के विकराल रूप का असर देखने के बाद जनहित में इंदौर के 56 दुकान (56 DUkan) व्यापारी एसोसिएशन ने एक बड़ी पहल करते हुए जनता के हित मे बड़ा फैसला बुधवार को ले लिया है। पलासिया क्षेत्र में स्थित शहर की शान 56 दुकान के व्यापारियों ने प्रशासन से मिलकर आम सहमति बनाते हुए शहर हित मे फैसला लेकर शनिवार शाम को 6 बजे और रविवार को शाम 5 बजे से ही 56 दुकान बंद करने का एलान कर दिया है| वही आस पास के खान पान के प्रतिष्ठान भी 56 दूकान की तर्ज पर बंद रखे जाएंगे ताकि लोगो की भीड़ वीकेंड पर जमा न हो सके।

बता दे कि बीते 8 दिन याने सितंबर माह की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 34 लोग कोरोना के कारण अपनी जान गंवा चुके है और 2202 लोग नए संक्रमितों के रूप में सामने आए है याने की इंदौर में कोरोना डेंजर रूप अख्तियार कर चुका है। इसी बात को ध्यान में रखते 56 दुकान व्यापारी एसोसिएशन ने बीजेपी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे से बात कर आम राय बनाई और सीधे इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह से मिलकर उन्हें ये अहम जानकारी दी। दरअसल, 56 दुकान की सुंदरता बढ़ने के बाद से ही यहां लजीज व्यंजनों के चटखारे के लिए लोगो की भीड़ बढ़ रही है और बीते रविवार को तो आलम ये था कि मानो इंदौर से कोरोना जा चुका है और लोग पहले की ही तरह बेफिक्र हो चले हो। जबकि कोरोना संकट, इस समय इंदौर में उफान पर है। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने माना कि व्यापारियों का स्वैच्छिक फैसला एक बेहतर पहल है और उन्होंने शहर के अन्य व्यापारिक संगठनों से भी अपील की है कि इंदौर में बढ़ते डेथ रेट और बढ़ते संक्रमण के मामलो को ध्यान में रख है वो भी शहर हित मे 56 दुकान व्यापारी एसोसिएशन की तर्ज पर स्वेच्छा से पहल कर सकते है।

इधर, इस मामले में एम.पी.ब्रेकिंग न्यूज़ ने शहर के सबसे बड़े व्यापारिक महासंगठन अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स से चर्चा की है। दरअसल, अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स से शहर के 102 व्यापारिक संगठन जुड़े है जिनमे से 85 संगठन बेहद सक्रिय है ऐसे में अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव सुशील सुरेखा ने एम.पी.ब्रेकिंग न्यूज़ को बताया की स्वैच्छिक लॉक डॉउन ले संदर्भ में शहर हित को ध्यान में रखकर अहिल्या चैम्बर ऑफ कॉमर्स जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकता है ताकि कोरोना की रडार पर बैठे शहर को बहुत हद तक राहत मिल सके।

बता दे कि मध्यप्रदेश के राजगढ़ में कोविड – 19 के बढ़ते मामलों के बाद सबसे पहले 8 दिन का स्वैच्छिक लॉक डाउन किया गया था जिसका सकारात्मक असर भी देखा गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इंदौर में भी व्यापारिक जगत, प्रशासन के साथ मिलकर कोरोना पर लगाम कसने के लिए 56 की तर्ज पर कोई बड़ी पहल करे ताकि संक्रमण में फैलाव की चैन को ब्रेक किया जा सके।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews