Indore News : राहुल गांधी के ट्वीट पर संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर का पलटवार, बोली- कांग्रेस खुद केरोसीन की फैक्ट्री

Indore News : राहुल गांधी के ट्वीट पर संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर का पलटवार, बोली- कांग्रेस खुद केरोसीन की फैक्ट्री

Indore News : भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करने वाले राहुल गांधी अब इसे एक जुमले की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, वे किसी भी मुद्दे पर अपने मोहब्बत की दुकान वाला जुमला इस्तेमाल कर भाजपा पर निशाना साधते हैं उनके एक ऐसे ही ट्वीट पर मध्य प्रदेश की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर ने करार हमला किया है।

मुजफ्फरनगर की घटना पर राहुल गांधी ने भाजपा को घेरा 

दरअसल मुजफ्फरनगर में बच्चे की पिटाई वाले वीडियो पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है, राहुल ने लिखा – मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का ज़हर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफ़रत का बाज़ार बनाना – एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता। ये भाजपा का फैलाया वही केरोसीन है जिसने भारत के कोने-कोने में आग लगा रखी है। बच्चे भारत का भविष्य हैं – उनको नफ़रत नहीं, हम सबको मिल कर मोहब्बत सिखानी है।

संस्कृति मंत्री बोलीं, हम सबको मार पड़ी है  

मीडिया ने जब मध्य प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर से घटना के वीडियो और राहुल गांधी के ट्वीट पर उनकी प्रतिक्रिया चाही तो उन्होंने कहा कि ये सब निरर्थक, निराधार बाते हैं कभी कभी बच्चों को उनकी भलाई के लिए पीटना भी पड़ता है, आप को हम को भी मार पड़ी है आज किसी टीचर ने बच्चे को थप्पड़ मार दिया तो इस प्रकार का हंगामा ना  अभिभावकों को करना चाहिए और ना इसपर राजनीति होनी चाहिए।

ऊषा ठाकुर का हमला, कांग्रेस खुद केरोसीन की फैक्ट्री 

राहुल गांधी द्वारा इसे भाजपा से जोड़कर देखने के सवाल पर ऊषा ठाकुर ने  कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा जीवन भर देश में केरोसीन किसने फैलाया किसको बताए? सच्चर कमेटी किसने बनाई? हिंसा का कानून कौन लाया? मुस्लिम तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति किसने चलाई? पूरा देश जानता है, केरोसीन की पूरी फेक्ट्री हैं कांग्रेस के लोग ।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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