कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर इंदौर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया, लव जिहाद व धर्मान्तरण मामले में है आरोपी

पुलिस ने कहा है कि फरार आरोपी अनवर कादरी के सम्बन्ध में सूचना देने वाले या फिर उसकी गिरफ़्तारी में सहयोग करने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जायेगा, उसका नाम गुप्त रखा जायेगा।
Anwar Qadri

लव जिहाद और धर्मान्तरण मामले का आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी अभी भी फरार है, इंदौर पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही है लेकिन उसे सफलता नहीं मिली है, मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने आरोपी अनवर कादरी पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

पिछले दिनों इंदौर पुलिस द्वारा लव जिहाद के आरोप में गिरफ्तार किये दो लड़कों  अल्ताफ खान और और साहिल खान द्वारा स्थानीय कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ़ अनवर डकैत पर गंभीर आरोप लगाये थे, आरोपियों ने कहा कि  कादरी ने ही उन्हें हिंदू लड़कियों से शादी करने और उनसे देह व्यापार करवाने के लिए पैसे दिए थे। इस बयान के बाद पुलिस ने कादरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस ने घोषित किया 10 हजार रुपये का इनाम 

एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लगातार अनवर कादरी की तलाश कर रही है पुलिस कमिश्नर इंदौर के निर्देश पर डीसीपी जोन-03 हंसराज सिंह ने उसपर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है, पुलिस ने उसके खिलाफ बाणगंगा थाने में दो अपराध दर्ज किये है जिसमें तलाश कर रही है।

अलग अलग थानों में 18 अपराध दर्ज  

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि फरार आरोपी अनवर कादरी पिता मोहम्मद असलम कादरी 109 भिश्ती मोहल्ला इन्दौर का रहने वाला है, उसके खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में 18 अपराध दर्ज हैं, बाणगंगा पुलिस ने अनवर कादरी कादरी के विरुद्ध अपराध क्रमांकः 800 / 2025 धारा 64, 64(2) (एम), 351(3) बीएनएस 3/5 म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज किया हुआ है। उसकी गिरफ़्तारी पर अन्य अपराधों की भी विवेचना की जाएगी।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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