
इंदौर पुलिस ने पिछले महीने चोरी किये गए करीब 5 करोड़ रुपये के सोने के गहनों को बरामद कर लिया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, घटना की जाँच में सामने आया कि अहमदाबाद से गहने बेचने इंदौर आये व्यापारी के मैनेजर को झांसा देकर उनकी गाड़ी के ही ड्राइवर ने गहनों से भरा बैग चोरी कर लिया और भाग गया, पुलिस ने अहमदाबाद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और गहने बरामद कर लिए है, पुलिस आरोपियों की रिमांड लेकर कड़ी पूछताछ करेगी।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद के एक ज्वेलर्स के चोरी हुए 4 करोड़ 80 लाख रुपए के सोने को बरामद कर लिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरे 4 किलो 800 ग्राम सोने के जेवर बरामद किये हैं।
9 जुलाई की है घटना
दरअसल यह सोना अहमदाबाद स्थित अंकित गोल्ड ज्वेलर्स के संचालक धर्मेन्द्र जयंती का था, जिसे उनका मैनेजर और ड्राइवर मिलकर व्यापारिक उद्देश्य से इंदौर लेकर आए थे। योजना के अनुसार 9 जुलाई को सोने के आभूषण इंदौर के व्यापारियों को दिखाए जाने थे। इसी दौरान मैनेजर एक सैलून पर चला गया और उसी वक्त ड्राइवर मसरू मौका पाकर दो बैग सोने से भरे हुए लेकर गाड़ी सहित फरार हो गया।
गुजरात से इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किये आरोपी
इस वारदात में मसरू के साथ राजस्थान का पेशेवर अपराधी प्रेमपाल सिंह देवड़ा भी शामिल था। जिसमें घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर क्राइम ब्रांच हरकत में आई और तकनीकी व गुप्त सूचना के आधार पर एक्शन शुरू किया गया, पुलिस को जानकारी मिली की आरोपी गुजरात की तरफ गए हैं तो पुलिस ने स्थानीय जिले की पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड, मालिक को दिया धोखा
पुलिस ने दोनों के पास से चोरी गए माल के बारे में पूछताछ की तो गहने गाड़ी में ही मिले जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर मसरू गोल्ड व्यापारी का पुराना भरोसेमंद कर्मचारी था। व्यापारी ने अपने मैनेजर और ड्राइवर पर भरोसा करते हुए करोड़ों का सोना इंदौर भेजा था लेकिन ड्राइवर की नीयत बिगड़ गई थी और उसने मौका पकड़ अपने साथियों की मदद से इतनी बड़ी चोरी कर मालिक को धोखा दिया।
पुलिस आरोपियों के कनेक्शन तलाश रही
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना में और कोई व्यक्ति या गिरोह शामिल है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करने और पूरे गहने बरामद करने पर क्राइम ब्रांच की टीम को बधाई दी है उन्होंने कहा आरोपियों का रिमांड लिया जायेगा और कड़ी पूछताछ की जाएगी।


इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

