खाने का स्वर्ग कहलाता है MP का ये शहर, ललचाने लगती है हर किसी की जीभ

अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो इंदौर का सराफा बाजार आपकी बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए। यहां का चीला, भुट्टे का कीस, दाल-बाफला और गोल्डन घेवर ऐसा स्वाद देते हैं, जो जिंदगी भर याद रह जाता है।
Indore Sarafa Bazaar

भारत में अगर किसी शहर को खाने के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है, तो उसमें इंदौर का नाम सबसे ऊपर आता है। मध्य प्रदेश का यह शहर सिर्फ साफ-सफाई या व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब स्ट्रीट फूड के लिए भी पूरे देश में मशहूर है। यहां का सराफा (Indore Sarafa) बाजार रात होते ही खाने के दीवानों का जन्नत बन जाता है।

सराफा बाजार में मिलने वाले हर व्यंजन की अपनी पहचान है। यहां का स्वाद ऐसा है कि एक बार जिसने खा लिया, वो दोबारा आने से खुद को रोक नहीं पाता। देसी मसालों, शुद्ध घी और पीढ़ियों पुरानी रेसिपी ने इंदौर को सच में फूड कैपिटल ऑफ इंडिया बना दिया है।

क्यों खास है इंदौर का सराफा बाजार?

इंदौर का सराफा बाजार दिन में सोने-चांदी के व्यापार के लिए जाना जाता है, लेकिन जैसे ही रात ढलती है, यह जगह स्ट्रीट फूड हब में बदल जाती है। शाम करीब 8 बजे के बाद यहां खाने की दुकानों की कतार लग जाती है और आधी रात तक लोग स्वाद का लुत्फ उठाते नजर आते हैं। सराफा बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मिलने वाला हर व्यंजन स्थानीय स्वाद और परंपरा से जुड़ा है। यहां का खाना सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि इंदौर की संस्कृति और मेहमाननवाजी का एहसास भी कराता है। यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सबसे पहले सराफा बाजार पहुंचते हैं।

सराफा बाजार का मशहूर चीला

यह चीला मुख्य रूप से मूंग दाल या बेसन से बनाया जाता है। हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम यह चीला स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। चीले को तवे पर ताजे घोल से बनाया जाता है और ऊपर से हरी चटनी, दही या मसालों के साथ परोसा जाता है। इंदौर का चीला इसलिए खास है क्योंकि इसमें मसालों का संतुलन बिल्कुल सही होता है।

सर्दियों में इंदौर का हॉट फेवरेट

गराडू इंदौर की सर्दियों की सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड डिश है। इसे अरबी से बनाया जाता है और तेज मसालों में तलकर ऊपर से नींबू और नमक डाला जाता है। ठंड में गरमागरम गराडू खाने का मज़ा अलग ही होता है।

सराफा बाजार का मशहूर मालपुआ

सराफा बाजार में मिलने वाला मालपुआ एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई है। इसे मैदा, सूजी, मावा और दूध के घोल से तैयार किया जाता है। कई दुकानों पर इसमें केला या अन्य फलों का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। गरम-गरम मालपुए को चाशनी में डुबोकर परोसा जाता है।

व्रत वालों के लिए भी खास साबूदाना खिचड़ी

इंदौर की साबूदाना खिचड़ी पूरे देश में मशहूर है, लेकिन सराफा बाजार की खिचड़ी की बात ही अलग है। इसमें साबूदाना, उबले आलू, भुनी मूंगफली, हरी मिर्च, जीरा, सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाया जाता है। यह खिचड़ी खास तौर पर उपवास में खाई जाती है, लेकिन स्वाद इतना जबरदस्त होता है कि लोग इसे आम दिनों में भी बड़े चाव से खाते हैं।

ये है इंदौर की थाली की शान

इंदौर का नाम आते ही दाल-बाफला जरूर याद आता है। सराफा बाजार में मिलने वाला दाल-बाफला पारंपरिक स्वाद का बेहतरीन उदाहरण है। गेहूं से बने उबले और फिर सिके हुए बाफले को मसालेदार दाल के साथ परोसा जाता है। इसके साथ कढ़ी, चूरमा, पुलाव, चटनी और छाछ दी जाती है। यह पूरा भोजन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि पूरी तरह पेट भरने वाला भी होता है।

भुट्टे का कीस

भुट्टे का कीस इंदौर का ऐसा स्ट्रीट फूड है, जो देश के दूसरे शहरों में बहुत कम देखने को मिलता है। इसे ताजे भुट्टे को कद्दूकस करके घी या तेल में हरी मिर्च और मसालों के साथ भूनकर तैयार किया जाता है। इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा और थोड़ा तीखा होता है। ऊपर से नींबू और धनिया डालकर इसे और भी खास बना दिया जाता है।

दही-बड़े

सराफा बाजार में दही-बड़े लंबे समय से लोगों की पसंद बने हुए हैं। मुलायम उड़द के बड़े, ताजी दही और हल्की मीठी-तीखी चटनी के साथ परोसे जाते हैं। दिनभर घूमने के बाद लोग यहां बैठकर दही-बड़े खाते हैं, जो पेट को हल्का और स्वाद को संतुलित रखते हैं।

Bhawna Choubey
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