
इंदौर, आकाश धौलपुरे। इंदौर (Indore) की राउ पुलिस ने एक ई – मेल के जरिये आई शिकायत के आधार पर फर्जी एडवायजरी कंपनी (fake advisory company) के नाम धोखाधड़ी (Fraud) करने वाली गैंग के 10 सदस्यों को गिरफ्तार (Arrest) किया। गिरोह मुख्य सरगना पवन तिवारी गिरफ्तार हो गया है वही दूसरी पूजा थापा नामक उसकी सहयोगी की तलाश पुलिस कर रही है। डीसीपी अमित तोलानी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि राउ पुलिस के पास ई – मेल के जरिये असम रायफल के रायफलमेन सौरभ कुमार मिश्रा ने शिकायत की थी कि उनके पास दिव्या नामक युवती का फोन आया था। उसने दादाजी एडवायजरी कंपनी के नाम पर बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाकर 3 लाख 78 हजार रुपये खाते में डलवा लिए इसके बाद जब युवती के नम्बर पर फोन किया गया तो फोन बंद आया। जिसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस तक पहुंचाई। वही राउ पुलिस ने ई – मेल को गम्भीरता से लेते हुए इस मामले में इन्वेस्टिगेशन शुरू की तो पता चला कि निवेश के नाम पर एक गैंग काम कर लोगो से करोड़ो रूपये ऐंठ चुकी है और उसके सरगना पवन तिवारी और पूजा थापा उन रुपयों पर ऐश कर रहे है।

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दरअसल, अलग – अलग फर्जी एडवायजरी कंपनियों के नाम पर लोगो को रीवा, सतना, सागर और इंदौर से फोन लगाए जाते थे। अब तक गैंग कुल 368 लोगो को निशाना बनाकर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा ऐंठ चुकी है। बता दे की गैंग में शामिल कालर्स भले ही 10 वीं और 12 वीं तक पढ़े हो और उनके पास कोई तकनीकी ज्ञान भी नही होता था बावजूद इसके वो लोगो को बेवकूफ बनाना जानते थे।गिरोह के सरगना पवन तिवारी और पूजा थापा को अमित बरफ़ा गूगल से डेटा कलेक्ट कर बेचता था। वही दीपू चेलानी नामक मोबाइल दुकान संचालक कालर्स के लिए निश्चित रकम लेकर फर्जी नाम की सिम मुहैया कराता था। इसके बाद निवेशकों को कॉल किया जाता था और जब मिडिल और अपर मिडिल क्लास के लोग कालर्स के फोन के जाल और रकम दुगुनी से तिगुनी के लालच में उलझ जाते थे।

तब कालर्स उन्हें गरीब व मजदूरों के रेंटेड खातों के नम्बर दिया करते थे जिनमें रुपये जमा होने के बाद बड़ी आसानी से यगदत्त शर्मा नामक आरोपी रुपये निकालकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचाता था। 8 महीने पहले शुरू किए फर्जी काम की शुरुआत करने के बाद 5 फर्जी नामो से एडवायजरी कंपनियों के नाम धोखाधड़ी करने वाले कुल 10 लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दे कि निवेश की राशि खाते में जमा होने के बाद कॉल करने वाले सिम तोड़कर मोबाइल फेंक देते थे ताकि कोई उन तक नही पहुंच सके।
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हालांकि राउ पुलिस को मिली शिकायत के बाद पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर गैंग का पर्दाफाश किया है। वही गिरफ्त में आये आरोपियों के कब्जे से नगद 13 लाख रुपये, 25 एनड्राईड मोबाईल, 10 लेपटाप, 2 वाहन, प्लाट और फ्लेट्स के कागजात, ज्वेलरी, इम्पोटेड घड़ियां, 50 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड एवं डेबिट कार्ड जब्त किये गये है वही उनके खातो से करोड़ 5 करोड का ट्रांजेक्शन सामने आया है। होना पाया गया। डीसीपी अमित कुमार तोलानी के मुताबिक धोखाधड़ी के शिकार लोगो की संख्या बढ़ सकती है वही फर्जी कंपनी चलाने वालों की कारगुजारियों को उजागर करने के लिए पुलिस सेबी और विजय नगर पुलिस से संपर्क में है।
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