बर्ड फ्लू की दहशत से नॉनवेज का कारोबार 50 प्रतिशत घटा, अंडे का फंडा भी फेल

बर्ड फ्लू की दहशत से नॉनवेज का कारोबार 50 प्रतिशत घटा, अंडे का फंडा भी फेल

इंदौर, आकाश धोलपुरे। देशभर में जब से कौओं सहित अन्य पक्षियों की मौत होने लगी है, तब ही से लोगो में एक तरह से दहशत का माहौल बन गया है। दरअसल, देश के 8 राज्यों में बर्ड फ्लू ने हड़कम्प मचा रखा है और ये ही वजह कि कोरोना के बाद अब राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं।

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में तो हालात ये है कि मांसाहार पसंद करने वालों ने एक अदृश्य भय के कारण अब नॉनवेज से दूरी बनाना शुरू कर दी है। स्थिति ये है कि अंडे, चिकन और मटन का कारोबार बर्ड फ्लू के नए वायरस के चलते 30 से 50 प्रतिशत कमजोर हो गया है। इसी का असर दामों पर भी देखा जाने लगा है। मांग कम होने के चलते अंडों से लेकर बॉयलर चिकन के दाम औंधे मुंह गिर गए हैं।

जो अंडा कल तक प्रोटीन का फंडा देता था, वो ही अब व्यापार करने वालों के लिए चेहरे पर गहरी शिकन ले आया है। दरअसल, मांग का कमजोर होना अब उन विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं जो कोरोना काल का दंश झेल चुके है। अंडा और उससे जुड़े उत्पाद बनाने वालों की मानें तो व्यापार ठंडा पड़ चुका है। इधर, दूसरी ओर जो लोग नॉनवेज पसंद करते हैं उनके मुताबिक भले ही बर्ड फ्लू पक्षियों में हो रहा है लेकिन स्वास्थ्य के साथ समझौता करना मुश्किल बढ़ाने के लिए काफी है। वहीं हर रोज चिकन बेचकर अपना जीवन यापन करने वाले विक्रेताओं का कहना है कि बर्ड फ्लू का सबसे ज्यादा असर उनके कारोबार पर पड़ा है जिसके चलते उनका काम एक सप्ताह के अंदर ही आधा रह गया है।

हालांकि मध्यप्रदेश में दक्षिण भारत से आने वाले मुर्गों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन नए प्रोटोकॉल के कारण स्थानीय स्तर पर पोल्ट्री फार्म से लेकर एक छोटी सी दुकान लगाने वाले की मुश्किल भी बढ़ गई है। ये बात और है कि अब तक मध्यप्रदेश में मुर्गा मुर्गी में कोई भी ऐसे लक्षण नही आये है लेकिन भय के कारण कारोबार आधा रह गया है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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