CAA के विरोध में आज होगी महासभा, स्वरा भास्कर, दिग्गी समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

CAA के विरोध में आज होगी महासभा, स्वरा भास्कर, दिग्गी समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

इंदौर।

‘संविधान बचाओ देश बचाओ’ अभियान के तहत आज सीएए के विरोध में महासभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें जेएनयू की छात्रा रहीं अभिनेत्री स्वरा भास्कर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर व कांग्रेस के प्रदेश समन्वयक समिति के अध्यक्ष दीपक बावरिया शामिल होंगे। सभी लोग इस मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे। महासभा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। इसमें राष्ट्रध्वज के अलावा किसी भी पार्टी का झंडा नहीं लगाया जाएगा।

राज्यों में लागू करने के लिए राज्यों की अनुमति जरूरी
एडवोकेट आनंद मोहन माथुर ने नए कानून राज्यों में लागू करने को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह राज्य पर निर्भर करता है कि उसे लागू करे या न करे। नागरिकता को लेकर जो एनपीआर कानून बनाया गया है, वह सही नहीं है। देश में कई जनजातियां, समुदाय हैं जिन्हें घुमंतु का दर्जा दिया गया है। ऐसे में वे अपना रिकॉर्ड कैसे दे पाएंगे। लगभग सौ प्रकार की जानकारी मांगी जा रही है। जिसके पास इनमें से कुछ दस्तावेज नहीं है, वह नागरिकता के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को मजबूर होगा। जब 2021 में जनगणना होना है तो फिर इसकी जरूरत क्या है।

आस पास के रहवासी संघों ने प्रदर्शन के लिए अनुमति निरस्त करनेकी की थी मांग

महालक्ष्मी नगर और साईंकृपा कॉलोनी के सामने खाली मैदान पर आए दिन मेले और आयोजन होते रहते हैं। इससे क्षेत्र के रहवासी परेशान हैं। रविवार को यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में प्रस्तावित रैली, सभा और प्रदर्शन के खिलाफ यहां के रहवासी संघों ने आपत्ति ली है। इस मामले में महालक्ष्मी नगर रहवासी संघ और साईंकृपा कॉलोनी रहवासी संघ ने कलेक्टर, एसपी, सीएसपी के अलावा लसूड़िया व खजराना थाना प्रभारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मैदान पर धरना प्रदर्शन, अन्य राजनीतिक गतिविधियों, व्यावसायिक मेलों और आयोजनों के लिए स्वीकृति न दी जाए। दी गई अनुमति को निरस्त किया जाए। यदि कोई भी घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस आयोजन और प्रदर्शन से आसपास के रहवासी परेशान होंगे। यातायात में भी बाधा होगी और क्षेत्र का वातावरण अशांत होगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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