
लता मंगेशकर ने 13 साल की उम्र से ही अपने मधुर स्वर से लोगों के दिलों पर कब्जा करना शुरू कर दिया था। 1942 में शुरू हुआ उनका करियर कई दशकों तक जारी रहा। साल 2019 तक उन्होंने 36 भाषाओं में 30 हजार से अधिक गीत गाए। उनके गाए गीतों में इमोशन, सादगी और जादू सब कुछ था। हिंदी सिनेमा में उनकी आवाज का जादू ऐसा था कि राजेश खन्ना, मुमताज, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र जैसी स्टार्स की फिल्मों में उनका स्वर हमेशा खास जगह बना गया। उनकी आवाज को सुनते ही लोग गुमसुम हो जाते थे। आज भी हर गाना लोगों की यादों में बसा हुआ है। लता मंगेशकर सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की पहचान थीं।
आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उनके फैंस और संगीत प्रेमी उनकी याद में खो गए हैं। इस मौके पर हम आपको उनके और मोहम्मद रफी के उन सुपरहिट जोड़ों की किस्से बताएंगे, जिन्होंने एक साथ मिलकर हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए। वहीं, इस खास मौके पर इंदौर में कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
इंदौर में कार्यक्रम आयोजित
इस बार उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर मध्य प्रदेश के इंदौर में विशेष अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें साल 2024 का लता मंगेशकर सम्मान पार्श्व गायक सोनू निगम को दिया जाएगा। वहीं, शंकर-एहसान-लॉय का 2025 का अलंकरण अन्य कारणों से टल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समारोह में संगीत प्रेमियों और कलाकारों को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में पार्श्व गायक अंकित तिवारी और उनके दल द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। MP संस्कृति विभाग ने लता मंगेशकर को “स्वर कोकिला” और “भारत रत्न” जैसे सम्मान से प्रेरित होकर उनके नाम पर यह पुरस्कार साल 1984 से शुरू किया।
स्व. लता मंगेशकर जी की स्मृति में ‘म्यूजिकल नाईट’
पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी एवं ग्रुप द्वारा दी जाएगी सुरमयी प्रस्तुति
🗓️28 सितम्बर, 2025
🕖सायं 7 बजे
📍लता मंगेशकर सभागार, वी.आई.पी. परस्पर नगर, #इंदौर@DrMohanYadav51 @officiallyAnkit#JansamparkMP pic.twitter.com/vXXt4H9H1P— Culture Department, MP (@minculturemp) September 28, 2025
सीएम ने किया ट्वीट
इसके अलावा, प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “भारत रत्न से सम्मानित, स्वर कोकिला श्रद्धेय लता मंगेशकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। दीदी आपकी मधुर आवाज का सम्मोहन आज भी हमारी स्मृतियों में है। आप भावी पीढ़ियों के लिए भी युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत रहेंगी।”
भारत रत्न से सम्मानित, स्वर कोकिला श्रद्धेय लता मंगेशकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं।
दीदी आपकी मधुर आवाज का सम्मोहन आज भी हमारी स्मृतियों में है। आप भावी पीढ़ियों के लिए भी युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत रहेंगी।#लता_मंगेशकर #LataMangeshkar pic.twitter.com/KBHxXJwODi
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 28, 2025
बना सदाबहार गाना
रफी और लता की जोड़ी की खासियत यह थी कि दोनों के स्वर इतने मिलते-जुलते और प्यारे थे कि सुनते ही मन भर आता। उनकी आवाज में रोमांस, इमोशन की ऐसी मिठास घुली रहती थी कि कोई भी गीत यादगार बन जाता था। ऐसा ही एक गीत साल 1969 की फिल्म “दो रास्ते” का है। इस फिल्म में राजेश खन्ना और मुमताज ने लीड रोल निभाया। जिसका गाना “छुप गए सारे नजारे” सुपरहिट हुई, जिसे सुनते ही बरसात की रोमांटिक फीलिंग और मोहब्बत का एहसास हो जाता है। फिल्म के सेट पर बरसात का मौसम और राजेश-मुमताज की कैमिस्ट्री इस गाने में जान डाल दी। आनंद बक्शी ने इसके बोल लिखे और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसकी धुन बनाई, लेकिन असली जादू रफी और लता जी की आवाज में था। दोनों ने मिलकर इस गीत को अमर कर दिया। आज भी रोमांटिक गीतों की चर्चा होती है, तो इसका जिक्र जरूर होता है।
हिंदी सिनेमा का कल्ट जोड़ी
लता मंगेशकर ने हर स्वर में भाव, हर शब्द में आत्मा डाली। उनकी आवाज में ऐसा जादू था कि फिल्म का दृश्य और भी जीवंत हो जाता। चाहे रोमांस हो चाहे भावुक… कोई दुखभरा गीत हो लता जी का हर गीत अलग ही होता था। मोहम्मद रफी के साथ उनका तालमेल ऐसा था कि सुनने वाला गीत में खो जाता। बता दें कि उनकी जोड़ी को हिंदी सिनेमा का कल्ट जोड़ी कहा जाता था। आज भी उनके गाने हर गली-मोहल्ले, ट्रेन, शादियों में सुनने को मिलता है। आज भी उनके गाए गीतों का असर वैसा ही है जैसा 60-70 साल पहले था।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

