वंदेमातरम अपमान मामले में पुलिस का एक्शन, कांग्रेस की दोनों पार्षदों रुबीना इक़बाल खान और फौजिया शेख अलीम पर मामला दर्ज

पार्षद रुबीना इकबाल खान ने तो वंदेमातरम गाने से इंकार करने के साथ ही अपनी ही पार्टी के लिए कह दिया था "भाड़ में जाये कांग्रेस" इसके बावजूद कांग्रेस ने अब तक उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है।
Rubina Iqbal Khan Fauzia Sheikh Aleem

Rubina Iqbal Khan Fauzia Sheikh Aleem

इंदौर नगर निगम में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा वंदेमातरम गाने से इंकार करने से प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है अब इसमें पुलिस एक्शन भी हो गया है, पुलिस ने भाजपा नेताओं की शिकायत की जांच के बाद दोनों पार्षदों रुबीना इक़बाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इंदौर नगर निगम में 8 अप्रैल को हुआ घटनाक्रम अब क़ानूनी कार्रवाई की तरफ बढ़ गया है, राष्ट्र गीत वंदेमातरम गाने से इंकार करना दोनों महिला पार्षदों को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है भाजपा नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पार्षदों से उनके बयान लिये और फिर उसके बाद उनके खिलाफ BNS की धारा 196/1 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने सबूत के तौर पर निगम की वीडियो रिकॉर्डिंग जाँच में ली  

भाजपा पार्षदों ने सदन में वंदेमातरम गाने से इंकार करने वाली कांग्रेस की महिला पार्षदों रुबीना इक़बाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ एमजी रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी उन्होंने पार्षदों के इंकार को राष्ट्र गीत का अपमान कहा और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने सोमवार और मंगलवर को दोनों महिला नेत्रियों को बुलाया और उनके बयान दर्ज किये, पुलिस ने सबूत के तौर पर घटनाक्रम वाले दिन की रिकॉर्डिंग और अन्य  एविडेंस जांच में लिए हैं।

सीएम डॉ मोहन यादव ने मांगा है जीतू पटवारी से इस्तीफा 

आपको बता दें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी महिला पार्षदों द्वारा किये गए वंदेमातरम के अपमान पर नाराजगी जताई है उन्होंने पिछले दिनों वंदेमातरम गाने से इंकार करने वाली पार्षदों के खिलाफ चुप्पी साधने वाले कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लिया और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं से इस्तीफे की भी मांग की है, मुख्यमंत्री ने इस मामले में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी पर भी निशाना साधा है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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