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मेल टीचर्स की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, पूछा – ‘किस नियम के तहत दिया गया महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण?’

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Rishabh Namdev
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मध्य प्रदेश सरकार की ओर से शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी भर्ती में महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसे लेकर पुरुष शिक्षकों की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
मेल टीचर्स की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, पूछा – ‘किस नियम के तहत दिया गया महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण?’

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया है कि राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जो गलत है। इस पर अब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 5 जनवरी को तय की है। कोर्ट की ओर से संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर फैकल्टी भर्ती में आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 जनवरी है, जिससे इस मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

दरअसल, यह मामला शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी भर्ती में आरक्षण से जुड़ा है। इस भर्ती में 100 प्रतिशत आरक्षण का लाभ महिलाओं को दिया गया है, जबकि पुरुषों की ओर से इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बता दें कि नर्सिंग कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और ट्यूटर के 286 पदों पर भर्ती की जा रही है।

अगली सुनवाई 5 जनवरी को तय की गई

मध्य प्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट में इस क्षेत्र की योग्यता रखने वाले कई उम्मीदवारों की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई है कि राज्य सरकार द्वारा की जा रही इस भर्ती में 100 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया है, जो असंवैधानिक है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती विज्ञापन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले पर हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच में अवकाशकालीन पीठ के जस्टिस अमित सेठ और जस्टिस हिमांशु जोशी ने सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता को संबंधित विभाग से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 5 जनवरी को तय की गई है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

जानकारी दें कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल की ओर से 16 दिसंबर 2025 को एक विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूटर के पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई थी। इसके लिए विभाग ने 286 पद भरने का ऐलान किया था, लेकिन सभी पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए। जबलपुर निवासी नौशाद अली ने इस विज्ञापन को लेकर हाईकोर्ट में राज्य सरकार को चुनौती दी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं कर्मचारी चयन मंडल को भी नोटिस जारी कर कोर्ट ने पूछा है कि महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण किस नियम के तहत दिया गया है।

संदीप कुमार

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Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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