
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आलोट विधायक मनोज चावला पर लूट व शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दर्ज एफआईआर को कांग्रेस ने सरकार का किसान विरोधी कदम बताया है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सरकार प्रदेश में जमाखोरों द्वारा यूरिया खाद की कालाबाजारी करने वालों के पक्ष में काम कर रही है। उन्होने सवाल किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा यूरिया खाद के संकट को लेकर ली गई तीन वर्चुअल बैठकों और इनमें अधिकारियों को दिये गये स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी क्यों है? गुरूवार को रतलाम जिले की आलोट विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित कांग्रेस विधायक मनोज चावला द्वारा किसानों को यूरिया खाद नहीं मिलने के खिलाफ उठायी गई आवाज को लेकर उनके खिलाफ लूट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज करने को उन्होने सरकार का किसान विरोधी कृत्य बताया है।
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केके मिश्रा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से एक घृणित विचारधारा के दबाव में प्रदेश में अघोषित आपातकाल लागू किया जा रहा है। विपक्ष की जायज आवाजों को निरंकुश नौकरशाही के माध्यम से दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस पार्टी ऐसे चंद चाटूकर अफसरों को आग्रहपूर्वक कहना चाहती है कि वे अपनी निष्ठा भारतीय संविधान के प्रति प्रदर्शित करें, न कि भाजपा के एजेंट बनकर। उन्होने सवाल किया कि गत दिनों अलसुबह मुख्यमंत्री ने जबलपुर में कालाबाजारी की आशंका में हजारों टन खाद गायब हो जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी। चंद घंटों बाद जिला प्रशासन ने एक गोदाम से उसे जब्त भी कर लिया। इस कार्रवाई को कौन सा राजनैतिक स्वांग समझा जाये? सरकार ने आरोपितों के खिलाफ कठोर एक्शन क्यों नहीं लिया ? जिस तरह राशन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राजनैतिक बुलडोजर चलाया गया, इस गंभीर घटना से जुडे जमाखोरों को ऐसी कार्रवाई से वंचित क्यों किया गया ? उन्होने कहा कि इसी तरह इस विषय पर मुख्यमंत्री जी ने अन्य बैठकें भी ली, तीन मंत्रियों की समिति भी बनायी, संभवतः आज शाम इसी विषय पर वे फिर बैठक ले रहे हैं। उनकी ये कथित चिंताएं उसके वास्तविक स्वरूप में ईमानदारीपूर्वक अंजाम क्यों नहीं दे पा रही हैं ?
आलोट विधायक मनोज चावला एवं रतलाम के जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह जादोन सहित अन्य 12 लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को सरकार और प्रशासन का कायराना कदम बताते हुए केके मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित ऐसे अत्याचारों से कांग्रेस डरने वाली नहीं है। किसानों के हित और उनके अधिकारों के पक्ष में सरकार के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। उन्होने कलेक्टर रतलाम द्वारा आलोट की उस घटना के महज तीन घंटे बाद मीडिया से की गई चर्चा के दौरान फैलाये गये झूठ और फरेब की निंदा करते हुए कहा कि उनका झूठ इस बात से उजागर हो रहा है कि उनके कथनानुसार मौजूद आलोट एसडीएम मनीषा वास्केल ने विधायक को समझाने का प्रयास किया, जबकि हकीकत यह है कि घटना स्थल पर एसडीएम मौजूद ही नहीं थीं।
उन्होने कहा कि कलेक्टर ने यूरिया खाद की उपलब्धता को लेकर भी झूठ परोसा है, ऐसा प्रतीत होता है कि कलेक्टर भाजपा या सरकार के प्रवक्ता के तौर पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उनका यह कृत्य प्रशासकीय आचरण और संवैधानिक व्यवस्था के प्रतिकूल है। लिहाजा, कांग्रेस पार्टी का कलेक्टर रतलाम सहित अन्य नौकरशाहों से आग्रह है कि वे अपने संवैधानिक कर्तव्यों के परिपालन में भाजपाई विचारधारा की घुसपैठ को रोकें और ऐसी किसी भी विचारधारा के एजेंट न बने जो प्रशासकीय सेवा आचरण के विपरीत हो।
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पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

