Inheritance Tax : किसने हटाया विरासत टैक्स? मोदी और शिवराज के बयानों पर विवेक तन्खा ने उठाया सवाल

पीएम मोदी के हमला करने के बाद कांग्रेस ने उसकी सफाई दी लेकिन एक बार फिर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सामने आये उन्होंने भी कांग्रेस से सवाल किये ।
Inheritance Tax : किसने हटाया विरासत टैक्स? मोदी और शिवराज के बयानों पर विवेक तन्खा ने उठाया सवाल

Inheritance Tax : सेम पित्रोदा के विरासत टैक्स पर दिए बयान के बाद देश में छिड़ी बहस पर मोदी के हमलों में देश की सियासत का तापमान बढ़ा दिया है, पीएम मोदी ने हमला करते हुए कहा था कि ये टैक्स देश में पहले से था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी माँ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की संपत्ति उन्हें मिल जाये इसलिए विरासत टैक्स को हटा दिया था, अब कांग्रेस ने एक बार फिर इसका जवाब दिया है ।

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शिवराज बोले – कांग्रेस स्पष्ट करे उसके इरादे क्या हैं ?

पीएम मोदी के हमला करने के बाद कांग्रेस ने उसकी सफाई दी लेकिन एक बार फिर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सामने आये उन्होंने भी कांग्रेस से सवाल किये, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये टैक्स पहले था जब इंदिरा जी नहीं रही थी, तब राजीव गांधी ने इसलिए हटाया था कि माँ की संपत्ति उन्हें मिल जाये, लेकिन कांग्रेस को देश के सामने स्पष्ट करना पड़ेगा कि उसके इरादे क्या हैं?

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विवेक तन्खा ने किया पलटवार 

मोदी और शिवराज के बयानों के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा सोशल मीडिया पर आये उन्होंने X पर लिखा – बीजेपी में अब पीएम मोदी के खिलाफ सच बोलने का साहस तो किसी को हुआ।दो दिन पहले मोदी जी कह रहे थे कि विरासत टैक्स राजीव गांधी जी ने अपनी संपत्ति बचाने के लिए लगाया था। आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया कि यह टैक्स जनता के दबाव के चलते कांग्रेस सरकार ने हटाया था। देश जानता है कि कांग्रेस हमेशा जनहितैषी निर्णय लेती रही है। धन्यवाद शिवराज जी, आपको सच बोलने के लिए। मेरे पिता की मृत्यु  1978 में हुई थी। तब एस्टेट ड्यूटी टैक्स लागू था। पूरे देश में उसका विरोध था। कांग्रेस और राजीव जी की सरकार ने इसका अंत किया

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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