MP News : सीएम डॉ मोहन यादव देंगे लाड़ली बहनों को आभार-पत्र और उपहार, राखी भी बंधवायेंगे, 11 जिलों में होंगे कार्यक्रम

कार्यक्रम की थीम रक्षाबंधन, सावन उत्सव पर केन्द्रित होगी। कार्यक्रम स्थल पर लाड़ली बहनों के लिये झूले लगाये जायेंगे। कार्यक्रमों में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण होगा एवं स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
CM Dr Mohan Yadav

MP News : रक्षा बंधन का त्यौहार जितना भाईयों के लिए महत्वपूर्ण होता है उतना है बहनों के लिए भी होता है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस भावना को समझते हुए प्रदेश की लाड़ली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त नेग राशि और 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की अब सीएम डॉ यादव लाड़ली बहनों को आभार-पत्र और उपहार देने वाले हैं और उनसे राखी भी बंधवाने वाले हैं ये कार्यक्रम 11 जिलों में होंगे।

इन 11 जिलों में आयोजित किये जायेंगे कार्यक्रम   

शासन द्वारा उपलब्ध कराई गी जानकारी के मुताबिक  मुख्यमंत्री डॉ. मोहान यादव के मुख्य आतिथ्य में रक्षाबंधन के पूर्व लाड़ली बहना हितग्राहियों का आभार उपहार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। रक्षाबंधन और सावन उत्सव थीम पर केन्द्रित यह कार्यक्रम चयनित जिलों में होगा। एक से 17 अगस्त के बीच 11 जिले सिंगरौली (चितरंगी), सतना, दमोह (जबेरा), नरसिहंपुर, बालाघाट, मंडला, बैतूल (भैंसदेही), श्योपुर, टीकमगढ़, अनूपपुर और डिण्डोरी में आभार सह उपहार कार्यक्रम होगा।

कार्यक्रम की थीम रक्षाबंधन, सावन उत्सव पर केन्द्रित होगी

इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाभार्थी महिलाओं को आभार पत्र और उपहार का संदेश देंगे। साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से राखी भी बंधवाएँगे और उनसे चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की थीम रक्षाबंधन, सावन उत्सव पर केन्द्रित होगी। कार्यक्रम स्थल पर लाड़ली बहनों के लिये झूले लगाये जायेंगे। कार्यक्रमों में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण होगा एवं स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शेष जिलों में मंत्रीगण एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम होगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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