MP News : सीधी में आदिवासी छात्राओं से दुष्कर्म मामले में सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर SIT गठित, 9 सदस्यीय कमेटी करेगी जाँच

SIT की कमान SDOP कुसमी रोशनी सिंह ठाकुर करेंगी, अन्य सदस्यों में 4 उप निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और 3 आरक्षक शामिल हैं जिन्हें 7-7 में प्रगति की रिपोर्ट देनी होगी। 
MP News : सीधी में आदिवासी छात्राओं से दुष्कर्म मामले में सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर SIT गठित, 9 सदस्यीय कमेटी करेगी जाँच

MP News :  मध्य प्रदेश के सीधी में आदिवासी छात्रों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना पर सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर एसआईटी  का गठन कर दिया गया है, जाँच कमेटी में 9 सदस्य है, इसका नेतृत्व SDOP कुसमी रोशनी सिंह ठाकुर करेंगी, सीएम ने घटना को लेकर नाराजगी जताई है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, आपको बता दें कि घटना उजागर होने के बाद से कांग्रेस भी प्रदेश सरकार पर हमलावर है और मुख्यमंत्री से सवाल कर रही है।

मैजिक एप के जरिये आवाज बदलकर छात्राओं को बुलाकर किया दुष्कर्म 

आदिवासी बेटियों के साथ हुई दुष्कर्म की इस घटना में एक बार फिर प्रदेश को शर्मसार कर दिया है, टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल कर मैजिक एप के जरिये लेडीज टीचर की आवाज बनाकर स्कॉलरशिप के नाम पर 7 आदिवासी छात्राओं के साथ दुष्कर्म की घटना ने सभी को स्तब्ध और व्यथित कर दिया है, खास बात ये है कि पुलिस ये मान रही है कि छात्राओं की संख्या अधिक हो सकती है, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।

सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर 9 सदस्यीय SIT करेगी जाँच  

उधर सीएम डॉ मोहन यादव ने भी इस मामले में गंभीरता दिखाई है, उनके निर्देश पर एसआईटी का गठन कर दिया गया है, SIT की कमान SDOP कुसमी रोशनी सिंह ठाकुर करेंगी, अन्य सदस्यों में 4 उप निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और 3 आरक्षक शामिल हैं जिन्हें 7-7 में प्रगति की रिपोर्ट देनी होगी।

कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से पूछे सवाल, की ये मांग 

गौरतलब है कि घटना सामने आने के बाद कॉंग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला किया है, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में आदिवासी बच्चियों के साथ बढ़ते अपराधों पर नाराजगी जताते कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में आदिवासी बच्चियों की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फ़ोर्स का गठन करें ताकि आदिवासी समाज की बच्चियां समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपने भविष्य का निर्माण कर सकें, इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रदेश सरकार से सवाल किया कि मध्यप्रदेश में ही आदिवासी सबसे ज्यादा उत्पीड़न के शिकार क्यों हैं? क्यों आपकी सरकार आदिवासियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोकने में बार-बार असफल हो रही है?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews