महिला कर्मचारी आत्महत्या मामले में दोषी कौन? डॉ गोविन्द सिंह ने जांच के लिये CM को पत्र लिखा

महिला कर्मचारी आत्महत्या मामले में दोषी कौन? डॉ गोविन्द सिंह ने जांच के लिये CM को पत्र लिखा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मंत्रालय में पदस्थ महिला कर्मचारी रानी शर्मा की आत्महत्या (female employee suicide case) पर पड़ा पर्दा पुलिस अभी हटा पाई है। मृतका के पिता ने ऑफिस के अधिकारियों और स्टाफ पर प्रताड़ित करने , काम का अत्यधिक बोझ डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं जिसकी पुलिस जांच कर रही है। अब नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है।

ग्वालियर (Gwalior News) के कोतवाली थाने में पसादथ एएसआई वेदराम शर्मा की बेटी  रानी शर्मा प्रमुख सचिव उद्योग विभाग के अधीनस्थ एमपीआईडीसी में मैनेजर थी। बीती 1 अगस्त को रानी शर्मा ने भोपाल स्थित अपने आवास प्रधान अर्बन लाइन के अपने फ़्लैट पांचवी मंजिल से कूदकर आत्महत्या (MPIDC Manager Rani Sharma suicide case) कर ली थी।

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आत्महत्या के बाद रानी के पिता ने आरोप लगाए कि उनकी बेटी को इनके ऑफिस में अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता था, उसपर काम का अत्यधिक बोझ लादा जाता था जिससे वो रात को 8 बजे तक ऑफिस में काम करती थी।  पिता के मुताबिक बेटी ने इसकी कई बार उसने शिकायत भी की थी पिता एएसआई वेद राम शर्मा ने शिकायत में कहा कि उनकी बेटी को नौकरी स हटवाने की धमकी भी दी जाती थी इन सब प्रताड़ना के कारण उसने आत्महत्या की है।

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पिता के शिकायती पत्र को संलग्न कर नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह (Leader of Opposition Dr Govind Singh) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) को पत्र लिखा है। पत्र में डॉ गोविन्द सिंह ने रानी शर्मा आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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