BJP प्रवक्ता ने क्यों कहा कमल नाथ को दुखी और बुजुर्ग? पढ़ें पूरी खबर

BJP प्रवक्ता ने क्यों कहा कमल नाथ को दुखी और बुजुर्ग? पढ़ें पूरी खबर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में भाजपा (MP BJP) और कांग्रेस (MP Congress) दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे की हर एक गतिविधि पर नजर रखते हैं और मौका मिलते है तंज कसने से नहीं चूकते। आज भाजपा को कांग्रेस ने एक मौका दे दिया जिस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश बाजपेयी ने तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (Kamal Nath) पर निशाना साधा है उन्हें दुखी और बुजुर्ग बताया है।

मप्र विधानसभा का मानसून सत्र (MP Assembly Monsoon Session)  आज से शुरू हुआ लेकिन पहले ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ मौजूद नहीं थे।  जानकारी बाहर आते ही भाजपा ने इस मौके को कैच किया और प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश बाजपेयी (BJP State Spokesperson Dr Hitesh Bajpai) ने कमल नाथ और कांग्रेस पर तंज कसा।

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डॉ हितेश बाजपेयी ने ट्वीट किया – कमल नाथ जी ने क्या जानबूझकर विधानसभा के पहले दिन ही सत्र में कांग्रेस को”अनाथ” किया? सत्र की तारीख दो महीने से तय थीं। कमल नाथ राहुल गांधी की यात्रा में भी नहीं गये, क्यों? कमल नाथ ने गुलाम नबी आजाद पर भी रखा मौन, क्यों?

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उन्होंने आगे लिखा- कमल नाथ ने ईडी-सीबीआई के विरुद्ध घर पर रहकर ही रोशनपुरा पर हो रहे धरने से दूरी बनाई, क्यों? क्या कमल नाथ वाकई पोषण आहार मामले मे बुरी तरह फंस गये हैं? क्या राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के बाद कमल नाथ जी को अध्यक्ष पद छोड़ना होगा?

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भाजपा नेता ने फिर सवाल किया – क्या कमल नाथ अब कांग्रेस का नेतृत्व करने में अक्षम साबित हुए,  जब 19 कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की? आला कमान और कमल नाथ क्या नदी के दो किनारे बन गये हैं?कमल नाथ अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं इसलिए विधानसभा सत्र को छोड़कर आज मां बगलामुखी की विशेष पूजा के लिए नलखेड़ा जा रहे हैं? जो भी हो, दुखी हैं बुजुर्ग कमल नाथ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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