Mahakal Mandir: महाकाल भक्तों का नियमों को ठेंगा, खुलेआम की जा रही मनमानी

Mahakal Darshan

Mahakal Mandir News: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा भरसक प्रयास किए जाते हैं ताकि सुगमता से दर्शन हो सके। इसी के साथ सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में कुछ नियम कायदे भी बनाए गए हैं लेकिन ऐसा लग रहा है कि आने वाले श्रद्धालुओं ने इन सभी नियमों को ताक पर रख दिया है और अपनी मनमानी पर उतारू हो गए हैं।

महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है और 20 दिसंबर से इस संबंध में अधिकारिक घोषणा करते हुए नियम लागू कर दिया गया था। इसके बावजूद भी अनदेखी लगातार जारी है और भक्त मंदिर में मोबाइल लेकर प्रवेश तो कर ही रहे हैं, साथ ही खुलेआम प्रांगण में इस्तेमाल करते भी नजर आ रहे हैं। हालांकि, इसे भक्तों की मनमानी कहा जाए या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही, ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

Mahakal भक्तों की मनमानी

मंदिर परिसर में मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद भी श्रद्धालु प्रवेश कर जाते हैं और दर्शन करने के बाद ओंकारेश्वर प्रांगण, जूना महाकाल मंदिर, गणेश मंदिर के समीप खड़े होकर फोटोग्राफी करते भी नजर आते हैं।

यहां पर कई दफा रील बनाने को लेकर विवाद भी खड़े हो चुके हैं लेकिन उसके बावजूद भी लोग किस तरह से अपने साथ अंदर तक मोबाइल ले जाते हैं, यह पता नहीं पड़ पाता है। इस तरह से बिना अनुमति के बावजूद भक्तों का मोबाइल के साथ प्रवेश करना सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

दिसंबर से है प्रतिबंधित

2022 में 5 दिसंबर को महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक हुई थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि 20 तारीख से श्रद्धालुओं के लिए यह नियम लागू किया जा रहा है कि वह मंदिर परिसर में मोबाइल के साथ प्रवेश नहीं करेंगे। आने वाले श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन हाईटेक क्लॉक रूम में जमा करवा सकते हैं, जो प्रवेश करने के तीनों गेट पर बनाए गए हैं। ये सुविधा होने के बावजूद भी भक्त काउंटर पर मोबाइल जमा न करवा कर इन्हें अपने साथ लेकर प्रवेश कर रहे हैं। हालांकि, सभी जगह सुरक्षाकर्मी चेकिंग के लिए खड़े रहते हैं. फिर भी भक्त चोरी-छिपे मोबाइल ले जाने में सफल हो जाते हैं।

खुलेआम प्रांगण में मोबाइल का उपयोग

लोग यह अच्छी तरह से जानते हैं कि महाकाल मंदिर में मोबाइल ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसके बावजूद भी जब वह परिसर के अंदर खुलेआम अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं, उससे यह जाहिर है कि उन्हें नियम के विरुद्ध जाने पर लगने वाले 200 रुपए के फाइन का भी कोई डर नहीं है। या यह कहें कि ध्यान देने वाले अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ कर सिर्फ लीपापोती करने में लगे हुए हैं और कोई कार्रवाई ना होने की वजह से आने वाले लोगों में नियमों के प्रति अनदेखी का माहौल बना हुआ है।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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