MP Weather Alert: IMD ने जताया अनुमान, मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन 5°C तक बढ़ेगा तापमान

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मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला है, जहां पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से कई जिलों में बारिश, आंधी और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग, भोपाल ने अनूपपुर, डिंडोरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटों के दौरान यानी 9 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में तो कई स्थानों पर अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभागों में भी कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वर्षा हुई। हालांकि, प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा, लेकिन कई जगहों पर तेज हवाओं के झोंकों, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया।

बारिश और बादलों के असर से प्रदेश के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अप्रैल के महीने में भी लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हुआ। रीवा और शहडोल संभाग में तो अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी कमी आई, वहीं अन्य संभागों में भी दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई है, जिससे रातें और सुबहें अपेक्षाकृत ठंडी महसूस की गईं।

प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश मुरैना में 13 मिलीमीटर दर्ज की गई, इसके बाद जबलपुर में 9.2 मिलीमीटर, अमरकंटक में 8 मिलीमीटर, मोहगांव और सिहावल में 7.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, गंधवानी, पुष्पराजगढ़, मिहोना और बदरवास जैसे छोटे शहरों और कस्बों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जिससे खेतों और फसलों को भी कुछ राहत मिली।

अगर तापमान के हाल की बात करें तो, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गर्मी का एहसास दिला रहा था। खरगोन-नरसिंहपुर में 36.2 डिग्री, दमोह में 35.8 डिग्री, रायसेन में 35.0 डिग्री और बालाघाट में 34.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह सबसे ठंडा जिला रहा। शाजापुर (गिरवर) में 14.4 डिग्री, सीहोर में 15.3 डिग्री, पचमढ़ी में 16.2 डिग्री और भोपाल में 16.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। अमरकंटक और पचमढ़ी जैसे पहाड़ी और पर्यटक स्थलों पर दिन का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जिससे यहां का मौसम काफी सुहावना बना रहा।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के आसपास सक्रिय है, जिसके साथ ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं, जो मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम की तेज हवाएं भी उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बह रही हैं, जिससे मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों ने यह भी अनुमान जताया है कि 15 अप्रैल के आसपास एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से मौसम में फिर से बदलाव आने की संभावना है।

किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। इस बदलते मौसम के दौरान किसानों को सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। सब्जी और बेल वाली फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा देने की आवश्यकता है, वहीं कटाई की गई उपज को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है। खेतों में जलभराव से फसलें खराब न हों, इसके लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है। इसके साथ

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