हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा योजना के लिए रिपोर्ट की बाध्यता खत्म, अब सेवा होगा प्रमाण

मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा योजना के लिए अब कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगा। कोरोना योद्धाओं की सेवा को ही सबूत माना जाएगा। 29 सितंबर को एमपी हाईकोर्ट ने यह फैसला मृतक राजीव उपाध्याय की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया है। 
मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा योजना

मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा योजना (Mukhyamantri Corona Yoddha Yojana) को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बड़ा फैसला सुनाया है। कॉविड पॉजिटिव रिपोर्ट की बाध्यता खत्म कर दी गई है। इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि, “कोरोनाकाल में रिपोर्ट नहीं बल्कि सेवा ही प्रमाण होगा।” कोविड ड्यूटी के दौरान मृत कर्मचारी राजीव उपाध्याय के परिवार को योजना का लाभ देने का आदेश राज्य सरकार को जारी किया गया है।

कोर्ट के आदेश के तहत अब बिना रिपोर्ट मृतक राजीव उपाध्याय को कोविड योद्धा के तहत अनुदान दिया जाएगा। सरकार को 90 दिन का समय दिया गया है। बता दें कि कोविड ड्यूटी के दौरान हजारों कर्मचारी शहीद हो गए। लेकिन कुछ कमियों के कारण उनके परिवार को सरकार की योजनाओं के वंचित रहना पड़ा। अब कोर्ट के इस फैसले के उन परिवारों को लाभ होगा।

पूरा मामला जानें (MP Highcourt Decision)

दरअसल 2020 में राजीव उपाध्याय को कोविड ड्यूटी में लगाया गया था। इस दौरान हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हो गई। कोविड टेस्ट नहीं किया गया। तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव के कोरोना योद्धा के तौर उनके नाम की सिफारिश की थी। लेकिन जब परिजनों ने कोरोना योद्धा योजना के मुआवजे की मांग की, तो रिपोर्ट न होने के कारण सरकार ने मना कर दिया। जिसके बाद मृतक की पत्नी से कोर्ट में याचिका दायर की। सभी तथ्यों को देखने के बाद इस मामले में सोमवार को एमपी हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।

क्या है सीएम कोरोना योद्धा योजना?

मध्य प्रदेश सरकार ने 2020 में कोरोना योद्धा योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य कोविड  ड्यूटी करते वक्त शहीद हुए कोरोना योद्धाओं के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत मृतक कर्मचारियों के परिवार को 50 लाख रुपये तक की राशि देने का प्रावधान है। जिसके लिए पहले मृतक का कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट अनिवार्य था, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद यह बाध्यता खत्म कर दी गई है।

Manisha Kumari Pandey
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