प्रशासन ने मुक्त कराया 130 करोड़ रुपए की ज़मीन का कब्ज़ा, बाघ भ्रमण क्षेत्र की बताई जा रही है ज़मीन कई बार दिया जा चुका था नोटिस

land

Bhopal: मध्य प्रदेश में अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन आए दिन बड़ी-बड़ी कार्यवाही को अंजाम दे रहे हैं। इस अभियान के तहत प्रदेश के कई शहरों में फैले अतिक्रमण और माफिया राज को खत्म किया जा रहा है। इसके चलते राजधानी भोपाल के एक क्षेत्र में प्रशासन ने लगभग 130 करोड़ की जमीन मुक्त कराई है। यह जमीन एक किसान से मुक्त कराई गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम द्वारा 20 दिसंबर 2023 यानी बुधवार के दिन पुलिस बल की मौजूदगी में चंदनपुर गांव में कलियासोत डैम के 13 शटर के पास खसरा क्रमांक 76/1 को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। आपको बता दें, मुक्त कराई गई जमीन की कमर्शियल कीमत 129.66 करोड़ और रेजिडेंसियल कीमत 81.03 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।

आपको बता दें, इस जमीन पर जफर नाम के किसान ने कब्जा कर रखा था। जफर लंबे समय से इस जमीन पर खेती कर रहा था। इतना ही नहीं उस जमीन पर उसने गाय और मवेशी भी पाल रखे थे। इस तरह वह खेती और जानवरों की देखभाल के लिए जमीन के टुकड़े का उपयोग कर रहा था। मिली जानकारी के अनुसार यह जमीन पहले जफर की ही थी लेकिन सीलिंग होने के बाद यह जमीन राजस्व के खाते में दर्द हो गई थी। इसके बावजूद भी जफर लंबे समय से जमीन का उपयोग करता आ रहा था। इससे पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के द्वारा उसे लगातार नोटिस भेजे जा रहे थे। लेकिन जफर ने एक भी नोटिस पर ध्यान नहीं दिया और लगातार जमीन का उपयोग करता रहा।

अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें, की चंदनपुर बाघ भ्रमण छेत्र है। इस जमीन पर बाघिन टी-123 अपने चार शावकों के साथ घूमती फिरती है। कई बार इस क्षेत्र में बाघिन को उसके चारों शावकों के साथ पानी पीते देखा गया है। इसके चलते नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने लोगों को कलियासोत डैम के आसपास के क्षेत्र से हटने को कहा है। सरकार ने यह पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण किया है कि कितनी इमारतें हैं। उन्हें डैम के 33 मीटर के दायरे में 96 इमारतें मिलीं और उनमें से 84 सरकारी और निजी भूमि पर हैं। कलियासोत डैम के 33 मीटर के दायरे में मौजूद सभी चीजों पर अतिक्रमण हटाने के कार्रवाई लगातार जारी है। इनमें से डैम के आसपास 58 झुग्गियां, 15 डेयरी , 7 मंदिर, 5 रेस्टोरेंट, एक-एक समाधि, गेम जोन स्कूल, मछली फार्म और कई मकान आदि शामिल है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews