MP News : अब जेल में परिवार के साथ रह सकेंगे बंदी, सीएम डॉ मोहन यादव ने किया खुली जेल कॉलोनी भैरवगढ़ उज्जैन का लोकार्पण

खुली जेल में 20 दण्डित बंदी अपने परिवार के साथ रहकर अपने कौशल अनुरूप रोजगार प्राप्त कर समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सामाजिक जीवन यापन कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि नवनिर्मित उज्जैन भैरवगढ़ खुली जेल प्रदेश की आठवी खुली जेल है।
CM Dr Mohan Yadav Ujjain open jail

MP News : मध्य प्रदेश शासन द्वारा बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक सार्थक पहल के तहत खुली जेल कॉलोनी विकसित की जा रही हैं इसी क्रम में उज्जैन भैरवगढ़ में 20 बंदी क्षमता की खुली जेल का निर्माण किया गया है, जिसमें बंदी अपने परिवार सहित निवास कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में खुली जेल कॉलोनी भैरवगढ़ का लोकार्पण किया। 

खुली जेल में 20 बंदी परिवार के साथ रहेंगे 

 उज्जैन भैरवगढ़ में बनाई गई इस खुली जेल की निर्माण लागत 3 करोड़ 25 लाख 48 हजार रुपए है। खुली जेल में 20 दण्डित बंदी अपने परिवार के साथ रहकर अपने कौशल अनुरूप रोजगार प्राप्त कर समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सामाजिक जीवन यापन कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि नवनिर्मित उज्जैन भैरवगढ़ खुली जेल प्रदेश की आठवी खुली जेल है।

कैदियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने शासन कृत संकल्पित : सीएम 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जेलों में कैदियों को संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन कृत संकल्पित है। भैरवगढ़ की इस खुली जेल कॉलोनी का नियोजित ढंग से निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस दौरान नवनिर्मित खुली जेल कॉलोनी का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव को जेल सुरक्षा बल द्वारा सलामी दी गई।

इनकी भी रही मौजूदगी 

कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रदेश के जेल डी.जी. श्री गोविंद प्रताप सिंह, संभागायुक्त  संजय गुप्ता और डीआईजी जेल एम.आर. पटेल उपस्थित थे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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