
इंदौर, आकाश धोलपुरे| इंदौर (Indore) के सांवेर (Sanwer) में जिस तरह से वोट परसेंटेज (Vote Percentage) बढ़ा है उससे उपचुनाव (Byelection) की रोचकता दुगुनी हो गई है। सांवेर के एक मतदान केंद्र पर तो पहली बार अपने वोट का उपयोग करने वाली एक युवा मतदाता ने सबका दिल जीत लिया और सभी ने उसके जज्बे को सलाम किया।
दरअसल, डेंगू से पीड़ित शिया बिरथरे को मतदान को लेकर इतना उत्साह था की आज जैसे ही वो इंदौर के एक निजी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुई वैसे ही शिया ने अपने परिजनों से कहा कि वो घर जाने के पहले मतदान करना चाहती है। इधर, इस जज्बे के बार जिसने भी सुना उसने सिया के लोकतंत्र के उत्सव में भाग लेने की तारीफ की।
इधर, बीजेपी प्रत्याशी ने भी बेटी के हौंसले की तारीफ कर बधाई दी|

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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

