कर्नाटक के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 24 मरीजों की मौत, जाँच के आदेश

कर्नाटक के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 24 मरीजों की मौत, जाँच के आदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से मरीजों की मौत के हाहाकार के बीच कर्नाटक से बुरी खबर आई है। राज्य के चामराजनगर जिले के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन (Oxygen)  की कमी से 24 मरीजों की मौत हो गई, मरने वालो में सामान्य मरीजों के साथ कोरोना मरीज (Corona Patients) भी शामिल बताये जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa)ने घटना की उच्च स्तरीय  जाँच के आदेश दे दिए हैं।

बेंगलुरु से 175 किलोमीटर दूर चामराजनगर के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन (Oxygen)की कमी से पिछले 24 घंटे में 24 मरीजों की जान चली गई। घटना के बाद राज्य में हड़कंप मच गया।  राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर तत्काल चामराजनगर अस्पताल के लिए रवाना हो गए वहीं जिले  मंत्री इस सुरेश का कहना है कि जांच के आदेश हो गए हैं रिपोर्ट के बाद दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा।

सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी थी और जिम्मेदार लोग इसकी व्यवस्था करने में नाकाम साबित हुए , मैसूर से आने वाल औक्सीजन टैंकर भी समय पर नहीं पहुँच पाया और 24 मरीजों की जान चली गई।  इस घटना ने कर्नाटक सरकार के उन दावों की पोल खोल दी है जिसमें मुख्यमंत्री  बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa)  ने राज्य में ऑक्सीजन, दवा, इंजेक्शन, बेड्स सबकी पर्यपत उपलब्ध्ता बताई है।

उधर घटना के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने घटना पर गहरा दुःख जताया और कहा है कि मुझे गहरा आघात लगा है मैं अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करता हूँ। सरकार मृतकों के परिवार के साथ है उन्होंने कहा कि मैंने उच्च स्तरीय  जाँच के आदेश दे दिए हैं जो घटना के लिए  जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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