आखिर एक जापानी बच्चे की किस बात पर दंग रह गए पीएम नरेंद्र मोदी, जानें 

आखिर एक जापानी बच्चे की किस बात पर दंग रह गए पीएम नरेंद्र मोदी, जानें 

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बीते दिन क्वाड लीडर्स समिट में भाग लेने जापान पहुंचे। जहां उनका स्वागत काफी जोरों-शोरों के हुआ, लोगों ने भारत माता के नारे लगाकर उनका स्वागत भी किया। इसी बीच पीएम मोदी की मुलाकात एक जापानी बच्चे से हुई, जिसने पीएम मोदी को कुछ ऐसा कहा जिससे वो भी हैरान हो गए। दरअसल, जापान में रहने वाले एक बच्चे ने प्रधानमंत्री का स्वागत हिन्दी में किया। बच्चे ने कहा “जापान में आपका स्वागत है”, और उसने पीएम से ऑटोग्राफ भी मांगा। इसपर पीएम मोदी ने भी बच्चे की तारीफ की और कहा, “वाह! अपने हिन्दी कहाँ से सीखी बेटा? आप इसे अच्छे से जानते है?”

PM @narendramodi ji has popularised brand India like no other. Growing interest for Indian languages abroad also reflects India’s rising influence in international comity. pic.twitter.com/5TAYLH2erC

— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) May 23, 2022

 अपने इस मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने जापान के सॉफ्ट बैंक ग्रुप के निर्देशक समेत अन्य कई उद्योगपतियों से खास बातचीत की। आज शाम 4 बजे पीएम मोदी भारतीय समुदाय को टोक्यो में संबोधित करेंगे। उन्होंने इस दौरान प्रवासी भारतीयों को भी धन्यवाद दिया। ऑस्ट्रेलिया के नए पीएम भी इस मीटिंग में शामिल होंगे। हिन्दी-व्यापार समझौते के तहत अमेरिका, जापान और भारत की खास मीटिंग भी आज शुरू हो चुकी है। इंडो-पेसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क की मीटिंग के दौरान पीएम ने कहा की, ” रिजिलीयन सप्लाइ चेन के तीन मुख्य विश्वास, पारदर्शिता और सामयिकता”, उन्होनें यह भी कहा की ये तीनों स्तम्भ 3 देशों के बीच अच्छे रिश्ते बनाने में सहायक होगा।”

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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