
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिरुनेलवेली में एक पार्टी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने डीएमके और कांग्रेस पर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि डीएमके नेता स्टालिन का एकमात्र उद्देश्य अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना है, जबकि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का लक्ष्य अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “स्टालिन जी का एक ही एजेंडा है अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना और सोनिया गांधी का भी एक ही एजेंडा है अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना।”
सत्ता में कौन आएगा
अमित शाह ने विश्वास जताया कि न तो उदयनिधि स्टालिन और न ही राहुल गांधी सत्ता में आएंगे। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत निश्चित है। शाह ने एनडीए के तमिलनाडु के नेताओं को सम्मान देने की बात भी उठाई। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एनडीए ने सी. पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित किया और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का भी उल्लेख किया।
डीएमके और कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने अपने भाषण में डीएमके और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल केवल अपने परिवारों के हितों के लिए काम करते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे एनडीए को समर्थन दें ताकि तमिलनाडु में विकास और सुशासन सुनिश्चित हो सके। इस कार्यक्रम के दौरान, शाह ने बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन की ताकत पर जोर दिया और कहा कि यह गठबंधन तमिलनाडु के लोगों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि एनडीए की नीतियां और नेतृत्व राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
