Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल को मिली राहत, कोर्ट ने दी जमानत, शुक्रवार को आ सकते हैं जेल से बाहर 

अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से जमानत के आदेश पर 48 घंटे की रोक लगाने की मांग की। लेकिन कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया।
Kejriwal

Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल के जमानत की अर्जी को मंजूरी दे दी है। उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है। आम आदमी पार्टी के लीगल टीम के एडवोकेट ऋषिकेश कुमार के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को 21 जून शुक्रवार को दोपहर के बाद जेल से बाहर आ सकते हैं। दिल्ली के सीएम को जमानत मिलने पर उनके आवास के बाहर AAP कार्यकर्ता पटाखेँ फोड़ते नजर आयें।

आदेश पर रोक लगाने की मांग कोर्ट ने की खारिज 

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से जमानत के आदेश पर 48 घंटे की रोक लगाने की मांग की। लेकिन कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट में कथित शराब घोटाला से संबंधित मनी लॉन्ड्रिन्ग मामले की सुनवाई हो रही थी। याचिका पर ईडी और आरोपी दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुरक्षित किया गया है।

केजरीवाल को दोषी ठहराने के कोई सबूत नहीं, बचाव पक्ष का दावा

सुनवाई के दौरान ईडी ने सीएम केजरीवाल पर अपराध की कथित कमाई करने और आरोपियों से जुड़े होने का दावा भी किया। वहीं बचाव पक्षा ने दावा किया था कि अभियोजना के पास केजरीवाल को दोषी ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं हैं। सीएम के वकील ने यह दलील भी दी कि यह मामला सिर्फ बयानों पर आधारित है।

चुनाव प्रचार के लिए मिली थी अंतरिम बेल

बता दें कि इससे पहले कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल को 10 मई से 1 जून तक लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी। लेकिन उन्हें चुनाव परिणाम से ठीक पहले 2 जून को दोबारा जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया था।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews