असम चुनाव से पहले BJP सरकार की बड़ी घोषणा, सरकारी नौकरी में मिलेगा 3 प्रतिशत आरक्षण, जानें डिटेल

कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों की ई एल बढ़ाकर हर साल 15 दिन करने और असम रिवाइज़्ड लीव रूल्स, 1934 में बदलाव करने को मंज़ूरी दे दी है ताकि हाफ़-पे लीव के बदले 10 दिन और ई एल के 5 और दिन दिए जा सकें।
Himanta Biswa Sarma

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विधानसभा चुनाव से पहले असम भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की बड़ी घोषणा की है। असम कैबिनेट ने मंगलवार को चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों के लिए क्लास I व क्लास II राज्य सरकार की नौकरियों में तीन प्रतिशत रिजर्वेशन को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने ये फैसला लिया। इस फैसले के बाद चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों को अब क्लास III और क्लास IV पदों में मौजूदा कोटे के अलावा ऊंचे लेवल की सरकारी सेवाओं में रिजर्वेशन का फायदा मिलेगा।

कैबिनेट ने इसके अलावा बोरभेटी कैंपस, जोरहाट के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट के कंस्ट्रक्शन के लिए 19.59 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें नामघर इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है, जिससे असम की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और साथ ही सस्टेनेबल, हेरिटेज-बेस्ड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

3 प्रतिशत रिजर्वेशन को मंजूरी 

कैबिनेट ने OBC कोटे के अंदर मौजूदा क्लास III और IV पोस्ट के अलावा, क्लास I और क्लास II राज्य सरकार की नौकरियों में चाय जनजाति और आदिवासी समुदाय के लिए 3% रिज़र्वेशन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने MMUA के तहत 1,07,532 एडिशनल SHG सदस्यों को सीड कैपिटल जारी करने को मंजूरी दे दी है, जिससे पूरे राज्य में महिला एंटरप्रेन्योर्स को फाइनेंशियल सपोर्ट और बढ़ेगा। कैबिनेट ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए धेमाजी जिले में सरकारी जमीन के सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है।

शिक्षकों के लिए ई एल पर बड़ा फैसला 

कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों की ई एल बढ़ाकर हर साल 15 दिन करने और असम रिवाइज़्ड लीव रूल्स, 1934 में बदलाव करने को मंज़ूरी दे दी है ताकि हाफ़-पे लीव के बदले 10 दिन और ई एल के 5 और दिन दिए जा सकें। कैबिनेट ने कार्बी आंगलोंग के लैंगवोकू में सैनिक स्कूल बनाने के लिए 335.87 करोड़ की रिवाइज़्ड एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी को मंज़ूरी दी है।

आदिवासी परिवारों के लिए सरकारी जमीन 

कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेवा सेतु, मिशन बसुंधरा 2.0 रिव्यू और बसुंधरा पोर्टल सर्विस के तहत 10 ज़िलों में 319 आदिवासी, ज़मीनहीन परिवारों को घर बनाने के मकसद से सरकारी खास और सीलिंग सरप्लस ज़मीन के बंदोबस्त को मंज़ूरी दे दी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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