
सेवा पखवाड़े के अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा कर कचरे के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली के कचरे के पहाड़ों को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने का ठोस लक्ष्य तय किया गया है और अगले वर्ष 2 अक्टूबर तक भलस्वा लैंडफिल साइट को पूरी तरह निस्तारित कर दिया जाएगा। इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया गया। मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना ही सेवा पखवाड़े का असली उद्देश्य है।
तीनों लैंडफिल साइट्स खत्म करने का संकल्प
मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भलस्वा, गाजीपुर और ओखला—दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट्स को खत्म करने की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि भलस्वा साइट के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण को साझेदार बनाया गया है और दिल्ली सरकार के मंत्रियों से भी अपील की कि वे इस दिशा में संस्थाओं को साथ लेकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े के दौरान स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और जनजागरण जैसे कार्यक्रम होंगे और नागरिकों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
45 लाख मीट्रिक टन कचरे से जल्द मिलेगा छुटकारा
मंत्री ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल पर जमा 45 लाख मीट्रिक टन लीगेसी कचरे को अगले साल तक खत्म कर दिया जाएगा। अब तक बायो-रेमेडिएशन के जरिए 25 एकड़ भूमि खाली कर ली गई है, जहां बम्बू गार्डन और स्वच्छता मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब ताजा कचरे को अलग से निस्तारित किया जाएगा। मंत्री ने जानकारी दी कि निस्तारित कचरे का इस्तेमाल पावर प्लांट, सीमेंट फैक्ट्रियों, टाइल निर्माण और खाद उत्पादन में हो रहा है। उन्होंने निगम कर्मचारियों और स्टाफ के लिए 5000 रुपये प्रोत्साहन राशि और स्वास्थ्य जांच की घोषणा भी की।
घट रही है लैंडफिल की ऊंचाई
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त कर स्वच्छ और संतुलित शहर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने इसे दिल्ली की गरिमा बहाल करने का संकल्प बताया। वहीं, मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि भलस्वा साइट की ऊंचाई 15 मीटर घट चुकी है और कचरे की मात्रा 73 लाख मीट्रिक टन से घटकर 43 लाख मीट्रिक टन रह गई है। उन्होंने कहा कि नया कचरा आने के बावजूद भी लैंडफिल कम हो रहा है और एक साल में इसे पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है।
