
Bihar Employees Teacher Salary : बिहार के 15 हजार से अधिक यूनिवर्सिटी कॉलेजों के शिक्षकों-कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन-पेंशन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसका कारण शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों के खातों के संचालन पर लगी रोक हटाने के बावजूद बजट जारी ना होना है। शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अलग-अलग यूनिवर्सिटी के बजट को स्वीकृति देने से पहले 29 मई तक इसकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है।इसके बाद ही वेतन-पेंशन राशि के लिए राशि जारी की जाएगी।
सैलरी-पेंशन का भुगतान बाकी
बीते हफ्ते पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शिक्षा विभाग और राज्य के सभी विवि के कुलपतियों की बैठक रखी गई थी।इस दौरान कुलपतियों ने अपनी समस्याओं को बताते हुए कहा था कि खातों से रोक हटाने के बावजूद अबतक विभाग द्वारा बजट जारी नहीं किया गया, जिसके चलते सैलरी-पेंशन का भुगतान नही हो पाया है।इस पर शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से इसका जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया गया।लेकिन अबतक भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
29 मई तक होगी बजट की समीक्षा
शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट को स्वीकृति देने की कार्रवाई करने के पहले इसकी समीक्षा करने का फैसला लिया है। इसको लेकर 29 मई तक अलग-अलग यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित बजट की समीक्षा विभाग करेगा । बजट की समीक्षा के लिए 15 से 29 मई के बीच अलग-अलग दिन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अन्य पदाधिकारियों को विभागीय समाभागार में बुलाया गया है। इस समीक्षा के आधार पर विश्वविद्यालयों को बजट उपलब्ध कराया जाएगा और फिर वेतन पेंशन का भुगतान होगा।बता दे कि ज्यादातर यूनिवर्सिटी में जनवरी फरवरी महीने से ही शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और सेवानिवृत्तों को वेतन पेंशन लंबित है।
ये है पूरा मामला
- गौरतलब है कि बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के करीब 15 हजार शिक्षक और कर्मचारियों को अबतक वेतन नहीं मिला है। शिक्षा विभाग की ओर से जनवरी फरवरी 2024 के बाद से ही वेतन और पेंशन मद में कोई राशि विश्वविद्यालयों को नहीं भेजी गई। हाल ही में पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को विश्वविद्यालयों के खातों से लेनदेन और कुलपतियों के वेतन पर रोक के निर्देश को स्थगित करने का आदेश दिया था और अगले आदेश तक विवि और उनके अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना करने के भी निर्देश दिए था।
- इसके बाद ACS केके पाठक ने निर्देश दिए थे कि राज्य के सभी 12 यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी के बैंक खातों के संचालन पर लगी रोक को हटाया जाए।कुलपतियों को पत्र लिखा है कि उस आदेश को निरस्त किया जाता है, जिसके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों का वेतन बंद करते हुए सभी प्रकार के खातों के संचालन पर रोक लगाई थी लेकिन अबतक भुगतान नहीं हो पाया है और अब मई महीने में भी इसका भुगतान संभव नहीं।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

