कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, पदोन्नति में आरक्षण को लेकर जारी हुआ ये आदेश, ऐसे मिलेगा लाभ

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लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार  (UP Employee) ने दिव्यांग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने पदोन्नति में दिव्यांग कर्मचारियों का आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% किए जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निशक्तता के आधार पर किसी भी कर्मचारी की पदोन्नति रोकी नहीं जा सकेगी। अपर मुख्य सचिव, कार्मिक ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,  पदोन्नति में आरक्षण (reservation in promotion) की गणना अधिष्ठान में खाली पदों की कुल संख्या के आधार पर होगी। दिव्यांग कर्मचारियों की पदोन्नति सिर्फ उनके लिए चिह्नित पदों पर ही की जाएगी। अगर कोई विभाग कार्य की प्रकृति के आधार पर किसी प्रतिष्ठान को कर्मचारियों के लिए आरक्षण के प्रावधान से मुक्त रखता है तो उसे प्रकरण को दिव्यांग कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा।इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस पर विचार किया जाएगा। प्रत्येक विभाग दिव्यांगजन की प्रमोशन से संबंधित आंकड़े सीधी भर्ती की भांति तैयार होंगे और फिर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को भेजे जाएंगे।

यूपी शासन के आदेश के अनुसार…

  • अगर कोई कर्मचारी सेवा में रहते हुए दिव्यांग हो जाता है या दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाता है तो समान वेतनमान और सेवाओं के किसी अन्य पद पर उसे शिफ्ट किया जाएगा।
  • न तो उसे सेवा से निकाला जाएगा और न ही उसकी रैंक में कोई अवनति की जाएगी।
  • किसी अन्य पद पर समायोजन की स्थिति न होने पर उसे एक अधिसंख्य पद पर तब तक रखा जाएगा, जब तक उसके लिए उपयुक्त पद उपलब्ध न हो जाए या वह सेवानिवृत्त न हो जाए।
  • अगर इस तरह का दिव्यांग कर्मचारियों उच्च वेतनमान में पदोन्नति के लिए अर्ह हो जाए और किसी अन्य पद के सापेक्ष समायोजित किया जाना संभव न हो तो उसके लिए अगले स्तर का अधिसंख्य पद सृजित किया जाएगा।
  • जिस पूर्व स्तर के अधिसंख्य पद पर वह तैनात है, उसे समर्पित किया जाएगा।
  • यदि कर्मचारी सेवा में आने के दिव्यांग होता है तो वह इस आरक्षण का लाभ पाने का हकदार होगा। बशर्ते दिव्यांगता का स्तर 40% या उससे अधिक हो।
  • इसके लिए समूह घ से ग, समूह ग से ख और समूह ख से क की पदोन्नतियों में 4% रिक्तयां दिव्यांग कार्मिकों के लिए आरक्षित होंगी।
  • इसके अनुसार ग्रुप ‘डी’ से ‘सी’ और ग्रुप ‘सी’ से ‘बी’ और ग्रुप ‘बी’ से ‘ए’ तक के सबसे निचले रैंक के पदों पर सीधी भर्ती का हिस्सा 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • चार प्रतिशत रिक्तियां उनके लिए आरक्षित होंगी, इनमें से एक-एक प्रतिशत ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ के लिए आरक्षित होंगी। ग्रुप ‘डी’ और ‘डी’ को एक प्रतिशत में लाभ दिया जाएगा।
  • ये पद अंधेपन, कम दृष्टि, बधिर श्रवण हानि, सेरेब्रल पाल्सी, इलाज, कुष्ठ, बौनापन, एसिड अटैक पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी सहित लोकोमोटर विकलांगता के लिए होंगे।
  • दिव्यांग कर्मी को सिर्फ इस आधार पर कि कोई रिक्ति उसकी श्रेणी के लिए चिह्नित नहीं है, पदोन्नति से मना नहीं किया जा सकता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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