
Farmers News: देशभर के किसानों के लिए खुशखबरी है। लोकसभा चुनाव और होली से पहले की केंद्र मोदी सरकार ने करोड़ों किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने दो महत्वपूर्ण किसान उत्पादक संगठक (FPO) और किसान अनुकूल ऐप लॉन्च किए हैं, इसके माध्यम से किसान अपनी उपज की होम डिलीवरी भी कर सकेंगे।
जानिए क्या है ई-नाम और एफपीओ इंस्पेक्शन मोबाइल ऐप।
- दरअसल, 15 मार्च को केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने FPO (कृषक उत्पादक संगठन) व किसान अनुकूल ऐप लांच किए। ये हैं- ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) मोबाइल ऐप, जिसे ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फार डिजिटल कामर्स) के साथ एकीकृत किया गया है और दूसरा, एफपीओ इंस्पेक्शन मोबाइल ऐप।
- ONDC के साथ ई-नाम मोबाइल ऐप के एकीकरण से ई-नाम पर पंजीकृत FPO/किसान कृषि/प्रसंस्कृत उपज ONDC नेटवर्क वाले खरीदारों के माध्यम से बेच सकते हैं। इससे FPO/किसानों को ONDC नेटवर्क के माध्यम से अधिक खरीदारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
- ई-नाम अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग (ई-ट्रेडिंग) पोर्टल है, जो कृषि वस्तुओं के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाने के लिए एक आभासी मंच के माध्यम से मौजूदा भौतिक APMC को नेटवर्क बनाना चाहता है।
- FPO इंस्पेक्शन मोबाइल ऐप, 10 हजार FPO के गठन व संवर्धन की योजना के कुशल कार्यान्वयन की सुविधा के लिए, प्रभावी निगरानी व रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस ऐप की प्रमुख विशेषताओं में से एक, निरीक्षण की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए जियो निर्देशांक के साथ FPO का निरीक्षण करने वाले व्यक्ति की छवि कैप्चरिंग है।
- इस ऐप में, CBBO, FPO से संबंधित संपूर्ण निगरानी व निरीक्षण गतिविधियां की जा सकती हैं, जिससे यह सुधार व संवर्धन में मददगार है। इन दोनों सुविधाओं से निश्चित रूप से FPO, किसानों, विक्रेताओं, खरीदारों को बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम में एक सक्रिय भागीदार बनने के लिए खुद को विकसित करने और भारत को निकट भविष्य में डिजिटल कृषि अर्थव्यवस्था वाला विकसित देश बनाने में मदद मिलेगी।
पीएम ने 2016 में की थी ई-नाम की शुरूआत
- ई-नाम की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 14 अप्रैल 2016 को हुई थी। वर्तमान में 23 राज्यों व 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 1389 विनियमित थोक बाजारों में ई-नाम लागू किया गया है। किसानों की उपज की प्रतिस्पर्धी बोली के कारण ई-नाम पर किसानों की आय बढ़ रही है और विक्रेताओं को समय पर ऑनलाइन भुगतान भी प्राप्त होता है।
- ई-नाम की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से यह पूरी तरह पारदर्शी है। 2016 में शुरू हुए ई-नाम पोर्टल पर अभी तक 1.77 करोड़ से ज्यादा किसान और 2.55 लाख से ज्यादा व्यापारी पंजीकृत हो चुके हैं। 3,600 से ज्यादा एफपीओ भी ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
- राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ई-नाम के लिए 1.71 लाख से अधिक एकीकृत लाइसेंस जारी किए गए हैं। फरवरी-2024 तक इस प्लेटफॉर्म पर 3.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार दर्ज किया जा चुका है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
e-NAM लाइसेंस कैसे बनवाएं
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए http://www.enam.gov.in/web इस वेबसाइट पर क्लिक करें या आप पंजीकरण पेज में http://enam.gov.in/NAMV2/home/other_register.html पर जा सकते हैं।
- उसके बाद पंजीकरण प्रकार ऑप्शन में जाकर किसान को चुनें और फिर एपीएमसी को चुनें।अपनी इमेल आइडी भरें क्योंकि उसी पर आपको लॉगिन आइडी और पासवर्ड मिलेगा।
- रजिस्टर होने के बाद आपको अपनी दी हुई ईमेल आईडी पर अस्थायी लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिलेगा। www.enam.gov.in/web पर जाकर आइकन पर क्लिक करें और फिर डैशबोर्ड पर लॉग इन करें।
- उसके बाद एक मैसेज आएगा, जिसमें लिखा होगा “APMC के साथ पंजीकरण करने के लिए यहां क्लिक करें। फ्लैशिंग लिंक पर क्लिक करें, जो आपको अपडेट करने के लिए पंजीकरण पेज पर रीडायरेक्ट करेगा।
- जब आपका eKYC पूरा हो जाएगा तो उसके बाद चुने हुए APMC को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। डैशबोर्ड पर लॉगिन करने के बाद आप APMC पते का विवरण देख पाएंगे।सबमिशन के बाद आपको APMC का आवेदन जमा करने का कंफर्मेशन ई-मेल आएगा, जिसमें आवेदन की स्थिति सबमिट, अप्रूवल और रिजेक्ट के रूप में होगी।
- APMC के अप्रूव होते ही आपको रजिस्टर्ड मेल आईडी पर e-NAM प्लेटफॉर्म पर फिर से जाने के लिए e-NAM किसान का लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिलेगा। इसके लिए आप अपनी संबंधित मंडी या एपीएमसी से संपर्क कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Pooja Khodani
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.
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(पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →

